पश्चिम बंगाल और असम में सोमवार को हुए विधानसभा चुनाव के पहले चरण के पहले भाग में बंपर वोटिंग हुई. बंगाल में इस दौरान जहां 82.58 फीसदी से ज्यादा लोगों ने अपने मताधिकार का प्रयोग किया, वहीं असम में 78.06 फीसदी वोटिंग दर्ज की गई. चुनाव आयोग का कहना है कि इस दौरान कहीं से किसी अप्रिय घटना की सूचना नहीं है.
बंगाल में जंगलमहल के पश्चिमी मिदनापुर, बांकुड़ा और पुरुलिया में सोमवार को 18 सीटों पर मतदान हुआ. इनमें पुरुलिया में 81.55 फीसदी, बांकुड़ा में 84.20 फीसदी, जबकि पश्चिमी मिदनापुर में 83.24 फीसदी गया. वामपंथी चरमपंथ से प्रभावित 13 सीटों पर मतदान शाम चार बजे ही समाप्त हो गया जबकि अन्य पांच सीटों पर मतदान शाम छह बजे तक चला.
'बेचैनी की हालत में मतदान'
मुख्य निर्वाचन अधिकारी सुनील गुप्ता ने कहा, 'हम बेचैनी की हालत में थे. आपको कारण पता ही है. लेकिन कोई बड़ी घटना या शिकायत नहीं आई. कहीं से भी किसी बंद या माओवादियों की ओर से बहिष्कार की सूचना नहीं है.' चुनाव आयोग को चुनावी प्रक्रिया के दौरान 537 शिकायतें मिली, जिनमें से 531 को हल कर लिया गया.
असम में 95,11,732 लोगों ने डाला वोट
दूसरी ओर, असम विधानसभा चुनाव के पहले चरण में राज्य के 65 निर्वाचन क्षेत्रों में कड़ी सुरक्षा के बीच 78.06 प्रतिशत मतदान हुआ. आंकड़ों के मुताबिक, 95,11,732 मतदाताओं ने अपने किया. चुनाव आयोग के सूत्रों ने बताया कि मतदान शाम पांच बजे समाप्त हुआ और कहीं से भी किसी अवांछित घटना की सूचना नहीं है.
ऊपरी असम, दो पर्वतीय जिलों, ब्रह्मपुत्र घाटी के उत्तरी तट और बराक घाटी में फैले 2,190 मतदान केंद्रों में मतदान हुआ और मुख्यमंत्री तरूण गोगोई और केंद्रीय मंत्री व बीजेपी के मुख्यमंत्री पद के प्रत्याशी सर्बानन्द सोनोवाल सहित 539 उम्मीदवारों का भाग्य ईवीएम में बंद हो गया.
रहा जश्न जैसा माहौल
पहली बार मतदान करने आए मतदाता पूरे जोश में दिखे और अन्य लोगों के साथ वे भी अपने मताधिकार का इस्तेमाल करने के लिए घंटों लाइन में खड़े रहे. अधिकतर मतदान केंद्रों पर उत्सव जैसा माहौल था. कुछ मतदान केंद्रों को रंग-बिरंगे बंदनवारों से तो कुछ को लाल, नीले, सफेद और नांरगी रंग के बैलूनों से सजाया गया था और कुछ केंद्रों में मिट्टी के कलश रखे गए थे.
यहां आदर्श मतदान केंद्र भी स्थापित किए गए थे. इनमें कुछ केंद्रों में तैनात सभी कर्मी महिलाएं थीं. ऐसे मतदान केंद्रों में विश्राम कक्ष, निशक्तजनों और बुजुर्गों के लिए व्हील चेयर तथा मेडिकल टीम की भी व्यवस्था थी.
पहले चरण के मतदान की खास बातें-
रोहित गुप्ता