पंजाब में अगले महीने होने वाले विधानसभा चुनाव की तैयारियों के व्यस्त कार्यक्रम के बीच भी पंजाब कांग्रेस के अध्यक्ष एवं पार्टी के सीएम कैंडिडेट कैप्टन अमरिंदर सिंह बार-बार अपने पहले प्यार को याद करते रहे. कैप्टन सेना को अपना पहला प्यार बताते हैं और सेना में बिताए अपने पुराने दिनों को याद करते हुए कहते है, 'मैं सैनिक पहले हूं, फिर एक नेता. कोई भी अपना पहला प्यार नहीं भूलता/भूलती और मेरा यह प्यार सेना है.'
दिल्ली में गुरुवार दोपहर एक संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री ने फिर इस बात को दोहराया. वहीं इंडिया टुडे से बात करते हुए भी कैप्टन ने कहा, 'सेना मेरा पहला प्यार है और मरते दम यह ऐसा ही रहेगा.'
सैनिक हमेशा सैनिक ही रहता है
दिल्ली में हुई इस हाई प्रोफाइल संवाददाता सम्मेलन से पहले ने वहां मौजूद पार्टी नेताओं, सैन्य अधिकारियों और मीडियाकर्मियों से जम्मू कश्मीर सहित देश के दूसरे हिस्सों में शहीद हुए वीर जवानों की याद में दो मिनट का मौन रखने को कहा.
वहीं मीडिया ब्रीफिंग के दौरान एक दिलचस्प बात यह भी रही कि इस दौरान जब भी उनके सहयोगी वहां मौजूद किसी सैन्य अधिकारी का नाम लेते, तो अमरिंदर बीच में रोकते हुए उनके बारे में बताते कि कैसे उन्होंने कश्मीर में या पाकिस्तान के खिलाफ जंग लड़ी.
कैप्टन संग सेल्फी
इस सम्मेलन में मौजूद पूर्व सैन्यकर्मी और उनके परिवार वाले अमृतसर के इस सांसद के साथ सेल्फी खींचते दिखें. कांग्रेस मुख्यालय स्थित लॉन में इस गहमागहमी का आलम यह था कि कैप्टन का इंटरव्यू लेने को इच्छुक पत्रकारों को भी किनारे हटना पड़ा.
सुप्रिया भारद्वाज