महाराष्ट्र: विरोध के बीच मिला BJP से टिकट, मतदान से पहले RSS की शरण में नितेश राणे

नितेश राणे की आरएसएस की शाखा में जमीन पर बैठने वाली यह तस्वीर तेजी से वायरल हो रही है. तमाम विरोध के बावजूद नितेश राणे को बीजेपी ने कणकवली सीट से टिकट दिया है. राणे ने पिछला चुनाव इसी सीट से कांग्रेस के टिकट पर लड़ा था और जीत दर्ज की थी.

Advertisement
RSS शाखा में नितेश राणे RSS शाखा में नितेश राणे

साहिल जोशी

  • मुंबई,
  • 09 अक्टूबर 2019,
  • अपडेटेड 3:51 PM IST

  • नितेश राणे कणकवली सीट से बीजेपी के प्रत्याशी
  • शिवसेना ने किया था नितेश राणे के टिकट का विरोध
  • नितेश के खिलाफ शिवसेना ने उतारा अपना प्रत्याशी

महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव के बीच एक दिलचस्प तस्वीर सामने आई है, जो सोशल मीडिया पर भी जमकर वायरल हो रही है. भारतीय जनता पार्टी के टिकट पर कणकवली सीट से चुनाव लड़ रहे नितेश राणे राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) की शाखा में बैठे हुए दिखाई दे रहे हैं.

Advertisement

यह तस्वीर सिंधुदुर्ग जिले के देवगढ़  की है. दिलचस्प बात ये है कि नितेश राणे शाखा के दौरान एक आम स्वयंसेवक की तरह बैठे दिखाई दे रहे हैं. एक तरफ आरएसएस के स्वयंसेवक अपनी परंपरागत पोशाक में बैठे हैं, जबकि उनके बराबर में नितेश राणे नजर आ रहे हैं. नितेश राणे के साथ उनके कुछ समर्थक भी बैठे हुए हैं. हालांकि, नितेश राणे आरएसएस के स्वयंसेवकों की तरह संघ की ड्रेस में नहीं है. वो अपने कपड़ों में यहां बैठे दिखाई दिए.

तस्वीर के राजनीतिक मायने

नितेश राणे का आरएसएस की शाखा में जमीन पर बैठने और बौद्धिक सुनने वाली यह तस्वीर तेजी से वायरल हो रही है. नितेश राणे अपने पिता और पूर्व मुख्यमंत्री नारायण राणे के साथ शिवसेना और कांग्रेस से होते हुए अपने पिता की पार्टी स्वाभिमानी पार्टी में रह चुके हैं.

Advertisement

2014 में नितेश राण ने कणकवली सीट से कांग्रेस के टिकट पर चुनाव लड़ा था और जीत दर्ज की थी. इस समय उनके पिता नारायण राणे भी कांग्रेस में ही थे, लेकिन 2017 में नारायण राणे ने कांग्रेस से अलग होकर स्वाभिमानी पार्टी बना ली. नारायण राण ने अपनी पार्टी का बीजेपी में विलय कर दिया और इसके लिए 2018 में बीजेपी ने उन्हें राज्यसभा भेजा.

टिकट मिलने से पहले बीजेपी में आए नितेश

नितेश राणे के लिए भी उनके पिता बीजेपी के टिकट की मांग कर रहे थे. लेकिन पहली दो सूचियों में नाम आने पर सियासत काफी गरमा गई थी. एक तरफ शिवसेना नितेश राणे के टिकट का विरोध कर रही थी तो दूसरी तरफ बीजेपी के कार्यकर्ता भी उनकी उम्मीदवारी से खुश नहीं थे. बाजवूद इसके नामांकन की आखिरी तारीख से ठीक पहले नितेश राणे को टिकट दिया गया.

शिवसेना का विरोध इतना ज्यादा है कि उसने नितेश राणे को बीजेपी का टिकट होने के बावजूद अपना प्रत्याशी उतार दिया है. यानी नितेश राणे को भले ही बीजेपी का टिकट मिल गया हो लेकिन उन्हें सहयोगी शिवसेना के जहां मुखर विरोध झेलना पड़ रहा है, वहीं बीजेपी के नेता-कार्यकर्ता भी उनसे पूरी तरह खुश नहीं है. माना जा रहा है इन तमाम हालातों के चलते ही नितेश राणे आरएसएस की शरण में पहुंचे हैं.

Advertisement

नितेश के इस कदम पर उनके पिता नारायण राणे ने कहा है अब राणे परिवार बीजेपी में है, लिहाजा RSS को सीखना-समझना जरूरी है. इसीलिए नितेश का आरएसएस की शाखा में जाना स्वाभाविक है.

Read more!
Advertisement

RECOMMENDED

Advertisement