अमरावती जिलाः अचलपुर विधानसभा सीट से प्रहर जनशक्ति पार्टी ने मारी बाजी

महाराष्ट्र के अमरावती जिले के अचलपुर विधानसभा सीट पर 11 प्रत्याशियों के बीच जंग में प्रहर जनशक्ति पार्टी के बच्चू बाबाराव काडू ने कांटे के मुकाबले में कांग्रेस को हरा दिया है.

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सांकेतिक तस्वीर सांकेतिक तस्वीर

सुरेंद्र कुमार वर्मा

  • अमरावती ,
  • 24 अक्टूबर 2019,
  • अपडेटेड 12:41 PM IST

  • पहली महिला राष्ट्रपति प्रतिभा पाटिल का संबंध अमरावती जिला से
  • अमरावती लोकसभा सीट पर निर्दलीय नवनीत राणा का कब्जा

महाराष्ट्र के अमरावती जिले के अचलपुर विधानसभा सीट पर 11 प्रत्याशियों के बीच जंग में प्रहर जनशक्ति पार्टी के बच्चू बाबाराव काडू ने कांटे के मुकाबले में कांग्रेस को हरा दिया है.

जिले में आए परिणाम

अमरावती जिले के तहत 8 विधानसभा सीटें हैं. इसमें धामणगांव रेलवे विधानसभा सीट पर 20 उम्मीदवार किस्मत आजमा रहे हैं. जिसमें भाजपा के प्रताप अरुणभाउ अदसाद ने कांग्रेस के वीरेंद्र वाल्मिकी राव जगताप को 9519 वोटों से हरा दिया.

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  • बड़नेरा से निर्दलीय रवि राणा ने शिवसेना की प्रीति संजय बंड को 15541 वोटों से हरा दिया.
  • अमरावती से कांग्रेस के संजय खोडके सुलभा ने भाजपा के डॉ. सुनील पंजाराव देशमुख को 18268 वोटों से हराया.
  • तिवसा से कांग्रेस की यशोमति चंद्रकांत ठाकुर ने शिवसेना के राजेश श्रीराम वानखेडे को 10361 वोटों से हरा दिया.
  • दरयापुर से कांग्रेस के बलवंत बसवंत वानखेडे ने भाजपा के रमेश गणपतराव को 30519 वोटों से हरा दिया है.
  • मेलघाट (सुरक्षित) प्रहर जनशक्ति पार्टी के राजकुमार दयाराम पटेल ने भाजपा के रमेश मवास्कर को 41362 वोटों से हरा दिया.
  • अचलपुर से प्रहर जनशक्ति पार्टी के बच्चू बाबाराव काडू ने कांग्रेस के अनिरुद्ध बब्लूभाऊ सुभानराव देशमुख को 8396 मतों के अंतर से हरा दिया है.
  • मोरशी से स्वाभिमानी पक्ष के देवेंद्र महादेवराव ने भाजपा के डॉ. अनिल सुखदेवराव बोंडे को 9791 वोटों से हरा दिया. 

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अमरावती जिले के तहत दरयापुर अनुसूचित जाति के लिए सुरक्षित विधानसभा सीट है जबकि मेलाघाट अनुसूचित जनजाति के लिए सुरक्षित है.

अमरावती लोकसभा सीट के अंतर्गत 8 विधानसभा सीटें आती हैं जिनमें धामनगांव रेलवे, बड़नेरा, अमरावती, तिवसा, दरयापुर (SC), मेलघाट (ST), अचलपुर और मोरशी विधानसभा सीट शामिल हैं. 2014 के चुनाव में अमरावती, दरयापुर, मेलघाट विधानसभा सीट बीजेपी के पास थी तो वहीं तिवसा सीट पर कांग्रेस और बड़नेरा और अचलपुर सीट निर्दलीय के पास थी.

शिवसेना के गढ़ में निर्दलीय का कब्जा

अमरावती जिले की अमरावती लोकसभा सीट पर निर्दलीय नवनीत रवि राणा का कब्जा है. उन्होंने इस साल अप्रैल-मई में हुए लोकसभा चुनाव में शिवसेना के सांसद अडसूल आनंदराव विठोबा को 36,951 वोटों के अंतर से हराया था. चुनाव में नवनीत रवि राणा को 5,10,947 वोट मिले, जबकि शिवसेना के अडसूल आनंदराव विठोबा को 4,73,996 वोट से संतोष करना पड़ा.

2014 में बीजेपी और शिवसेना ने मिलकर यहां पर लोकसभा चुनाव लड़ा था और शिवसेना ने जीत हासिल की थी. यहां पर लंबे समय से शिवसेना का राज रहा है, लेकिन इस बार उसे मात खानी पड़ी.

अमरावती लोकसभा सीट से कांग्रेस ने 1980 में पहली बारी किसी महिला को टिकट दिया और ऊषा चौधरी जीत हासिल करने में कामयाब रहीं. 1991 में कांग्रेस ने प्रतिभा पाटिल को टिकट दिया. उन्होंने शिवसेना के प्रकाश पाटिल को हराकर जीत हासिल की. हालांकि, इस सीट से प्रतिभा पाटिल ने केवल एक ही बार चुनाव लड़ा. प्रतिभा पाटिल बाद में देश की पहली महिला और भारत की 12वीं राष्ट्रपति बनीं.

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साक्षरता 87 फीसदी

प्रतिभा पाटिल के रूप में देश को पहली महिला राष्ट्रपति देने वाला अमरावती जिला 12,210 स्क्वायर किलोमीटर के दायरे में फैला हुआ है. इस शहर की आबादी 2011 की जनगणना के मुताबिक 2,888,445 है जिसमें 1,851,158 लोग ग्रामीण तो 1,037,287 लोग शहरी इलाकों में रहते हैं. जिले के तहत 14 ताल्लुका आते हैं.

साक्षरता दर पर नजर डाली जाए तो जिले की साक्षरता 87.38 फीसदी है जिसमें शहरी इलाकों में 91.48 फीसदी और ग्रामीण इलाकों में 85.07 फीसदी आबादी शिक्षित है. लिंगानुपात देखा जाए तो प्रति हजार पुरुषों पर 951 महिलाएं हैं जिसमें 957 महिलाएं शहरी तो 947 महिलाएं ग्रामीण इलाकों में हैं.

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