वाल्मीकि नगर सीट पर जेडीयू उम्मीदवार बैद्यनाथ प्रसाद महतो जीत गए हैं. महतो ने 3,54,616 वोटों से जीत दर्ज की. महतो को कुल 6,02,660 वोट हासिल हुए हैं. दूसरे नंबर पर कांग्रेस उम्मीदवार शाशवत केदार को 2,48,044 मत प्राप्त हुए हैं.
वाल्मीकि नगर लोकसभा सीट बिहार के पश्चिम चंपारण जिले में आता है. ये इलाका नेपाल की सीमा से सटा हुआ है और बिहार के सुदूर उत्तर में पड़ता है. 2002 के परिसीमन के बाद साल 2008 में पहली बार ये लोकसभा सीट अस्तित्व में आई. इससे पहले ये सीट बगहा के नाम से जानी जाती थी.
कब और कितनी हुई वोटिंग
वाल्मिकी नगर लोकसभा सीट पर 12 मई को छठे चरण में वोट डाले गए थे. चुनाव आयोग के मुताबिक इस संसदीय क्षेत्र में 1664048 रजिस्टर्ड मतदाता हैं, जिनमें से 1029964 ने वोट डाला. इस सीट पर 61.90 फीसदी वोटिंग हुई.
प्रमुख उम्मीदवार
जेडीयू ने इस सीट से बैद्यनाथ प्रसाद महतो को उम्मीदवार बनाया था, जबकि कांग्रेस ने शाश्वत केदार को टिकट दिया. इसके अलावा यहां से बहुजन समाज पार्टी ने दीपक यादव, बिहार लोक निर्माण दल ने दुर्गेश सिंह चौहान, सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी ने भोला राय, जनहित किसान पार्टी ने मनोज कुमार, भारतीय सर्वजन विकास पार्टी ने राजेश कुशवाहा, भारतीय बहुजन कांग्रेस ने शिव कुमार चौधरी और शिवसेना ने सुषमा देवी को प्रत्याशी बनाया.
2014 का चुनाव
साल 2014 के लोकसभा चुनाव में वाल्मीकि नगर सीट से बीजेपी के सतीश चंद्र दुबे ने जीत दर्ज की थी. सतीश चंद्र दुबे को 3 लाख 64 हजार 13 वोट हासिल हुए थे और कांग्रेस के पूर्णमासी राम को एक लाख 18 हजार वोटों से हराया था. पिछले लोकसभा चुनाव में जेडीयू के वैद्यनाथ प्रसाद महतो तीसरे नंबर पर रहे थे. उनको 81 हजार 612 वोट हासिल हुए थे.
सामाजिक ताना-बाना
नेपाल की सीमा से सटे होने के कारण और नक्सल प्रभाव के कारण ये इलाका सुरक्षा की दृष्टि से काफी संवेदनशील माना जाता है. भोजपुरी भाषी ये इलाका राजनीतिक रूप से काफी सक्रिय माना जाता है. इसी चंपारण की धरती से महात्मा गांधी ने 1917 में चंपारण सत्याग्रह की शुरुआत की थी. यहां जनसंख्या 3,935,042 है, जिसमें साक्षरता दर 55.70 प्रतिशत है.
सीट का इतिहास
आजादी के बाद से चंपारण के इलाके में कांग्रेस हर चुनाव में अपना दमखम दिखाती आ रही थी, लेकिन इमरजेंसी के बाद हालात बदले और बीजेपी ने यहां अपनी पकड़ मजबूत कर ली. परिसीमन के बाद जब 2009 में पहली बार चुनाव हुए तो यहां से जेडीयू के वैद्यनाथ प्रसाद महतो जीते. उन्होंने 2 लाख 77 हजार 696 वोट हासिल कर निर्दलीय उम्मीदवार फखरुद्दीन को हराया.
साल 2009 के लोकसभा चुनाव में फखरुद्दीन को 94 हजार 021 वोट हासिल हुए थे. वहीं 2014 में इस सीट से बीजेपी के सतीश चंद्र दुबे जीतकर लोकसभा पहुंचे. पिछले दो चुनाव बीजेपी और जेडीयू के उम्मीदवारों ने जीते. 2019 में जेडीयू एनडीए का हिस्सा है. लिहाजा इस बार यहां से महागठबंधन के लिए चुनौती बड़ी होगी.
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aajtak.in / पुनीत सैनी