जम्मू और कश्मीर की उधमपुर लोकसभा सीट, क्षेत्रफल की लिहाज से सूबे की दूसरी बड़ी सीट है. इस लोकसभा सीट का कुल क्षेत्र करीब 20,230 वर्ग किलोमीटर है. इस सीट में पहाड़ी हिमालय का हिस्सा भी शामिल है. क्षेत्रफल से लिहाज से यह सीट इजरायल देश के बराबर है.
इस सीट के अन्तर्गत सूबे के 6 जिलें (किश्तवाड़, रामबन, कठुआ, डोडा, रियासी और उधमपुर) और 17 विधानसभा सीट (तीन अनुसूचित जाति के लिए सुरक्षित) आते हैं. इस सीट से कश्मीर का राजघराना भी चुनावी मैदान में उतर चुका है और तत्कालीन कश्मीर राजघराने के राजकुमार कर्ण सिंह यहां से चार बार सांसद भी रहे हैं. वर्तमान में इस सीट से नरेंद्र मोदी सरकार में मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह सांसद हैं.
राजनीतिक पृष्ठभूमि
1967 में इस सीट से कांग्रेस के टिकट पर करण सिंह पहली बार संसद पहुंचे थे. इसके बाद 1968 में कांग्रेस के ही जीएस ब्रिगेडियर जीते. 1971 में कांग्रेस के टिकट पर करण सिंह फिर जीते. इसके बाद वह लगातार तीन चुनाव जीते. वह 1977 में तीसरी और 1980 में चौथी बार सांसद बने. 1984 में इस सीट से कांग्रेस के ही टिकट पर गिरधारी लाल डोगरा जीतने में कामयाब हुए. इसके बाद 1988 में काफी विवादित उपचुनाव हूआ. इस उपचुनाव में जम्मू और कश्मीर नेशनल पैंथर्स पार्टी के भीम सिंह ने जीत दर्ज की.
1989 में यह सीट फिर कांग्रेस के पास आई और उसके टिकट पर धरम पॉल जीते, हालांकि 1991 का चुनाव उग्रवाद के कारण इस सीट पर नहीं हुआ, लेकिन 1996 में जब चुनाव हुआ तो यहां पर पहली बार बीजेपी का खाता खुला. बीजेपी के चमन लाल गुप्ता लगातार तीन बार (1996, 1998 और 1999) यहां से सांसद रहे. 2004 में कांग्रेस ने इस सीट पर वापसी की और उसके टिकट पर चौधरी लाल सिंह लगातार दो बार (2004 और 2009) जीते. 2014 का चुनाव काफी रोचक रहा है. इस सीट से कांग्रेस ने पूर्व मुख्यमंत्री गुलाम नबी आजाद को उतारा, लेकिन वह चुनाव हार गए और बीजेपी के डॉ. जितेंद्र सिंह चुनाव जीत गए.
सामाजिक तानाबाना
उधमपुर लोकसभा क्षेत्र में जम्मू और कश्मीर के 6 जिले (किश्तवाड़, रामबन, कठुआ, डोडा, रियासी और उधमपुर) आते हैं. इस सीट के अन्तर्गत 17 विधानसभा सीटें (किश्तवर, गुलाबगढ़, बानी, इन्दरवाल, रिआसी, बासोहली, डोडा, गूलअरनास, कठुआ, भदरवाह, उधमपुर, बिल्लावर, रामबन, चेनानी, हीरानगर, बनिहाल, राम नगर) आती है. इनमें से हीरानगर, चेन्नानी और रामबन सुरक्षित है.
2014 के विधानसभा चुनाव में बीजेपी ने 12 सीटों (किश्तवाड़, बानी, रिआसी, बासोहली, डोडा, कठुआ, भदरवाह, बिल्लावर, रामबन, चेनानी, हीरानगर, रामनगर), कांग्रेस ने 4 सीटों (गुलाबगढ़, इन्दरवाल. गूलअरनास, बनिहाल) और निर्दलीय ने एक सीट (उधमपुर) पर जीत दर्ज की थी. इस लोकसभा क्षेत्र में करीब 15 लाख वोटर हैं, जिनमें करीब 8 लाख पुरुष और 7 लाख महिला वोटर है. 2014 में इस सीट पर करीब 70 फीसदी मतदान हुआ था.
2014 का जनादेश
2014 के लोकसभा चुनाव में इस सीट से बीजेपी के डॉ. जितेंद्र सिंह जीते हैं. उन्होंने कांग्रेस के दिग्गज नेता और राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री गुलाम नबी आजाद को करीब 60 हजार वोटों से हराया था. डॉ. जितेंद्र सिंह को 4.87 लाख और गुलाम नबी आजाद को 4.26 लाख वोट मिले थे. तीसरे नंबर पर पीडीपी के मोहम्मद अरशद मलिक (30 हजार वोट) और चौथे नंबर पर नेशनल कॉन्फ्रेंस के भीम सिंह (25 हजार वोट) पाकर रहे.
सांसद का रिपोर्ट कार्ड
उधमपुर से मौजूदा सांसद डॉ. जितेंद्र सिंह, केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार में पूर्वोत्तर क्षेत्र विकास मंत्रालय के राज्यमंत्री, प्रधानमंत्री कार्यालय, परमाणु ऊर्जा विभाग तथा अंतरिक्ष विभाग के राज्यमंत्री हैं. वे भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय कार्यकारिणी के सदस्य हैं. इससे पहले वे जम्मू कश्मीर बीजेपी के मुख्य प्रवक्ता थे. पेशे से डॉक्टर जितेंद्र सिंह लेखक, प्रोफेसर और कॉलमनिस्ट भी हैं. उनके दो बेटे और तीन बेटियां हैं. एडीआर की रिपोर्ट के मुताबिक, उनके पास 3.84 करोड़ की संपत्ति है. इनमें 1.53 करोड़ की चल संपत्ति और 2.30 करोड़ की अचल संपत्ति है. उनके ऊपर 11 हजार रुपए की देनदारी है.
जनवरी, 2019 तक mplads.gov.in पर मौजूद आंकड़ों के अनुसार, केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह ने अभी तक अपने सांसद निधि से क्षेत्र के विकास के लिए 15.54 करोड़ रुपए खर्च किए हैं. उन्हें सांसद निधि से अभी तक 20.25 करोड़ मिले हैं. इनमें से 4.72 करोड़ रुपए अभी खर्च नहीं किए गए हैं. उन्होंने 76 फीसदी अपने निधि को खर्च किया है.
जितेंद्र सिंह का फेसबुक पेज और ट्विटर हैंडल यह है.
विशाल कसौधन