वाजपेयी सरकार जैसा होगा NDA का हाल, राहुल गांधी होंगे अगले प्रधानमंत्री: आनंद शर्मा

मौजूदा चुनाव में भाजपा के प्रदर्शन की भविष्यवाणी करते हुए आनंद शर्मा ने कहा कि यही सवाल 2004 में भी हमारे सामने रखा गया था जब अटल बिहारी वाजपेयी के रूप में कहीं बेहतर प्रधानमंत्री थे, लेकिन क्या हुआ था? इंडिया शाइनिंग नाकाम हो गया और वही अब होने वाला है.

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कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी (PTI फोटो) कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी (PTI फोटो)

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 21 अप्रैल 2019,
  • अपडेटेड 5:35 PM IST

कांग्रेस नेता और राज्यसभा सदस्य आनंद शर्मा ने रविवार को कहा कि अगर लोकसभा चुनाव में कांग्रेस को सबसे ज्यादा सीटें मिलती हैं तो राहुल गांधी देश के अगले प्रधानमंत्री होंगे. शर्मा ने एक संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए ये बात कही. उन्होंने कहा कि पीएम नरेंद्र मोदी और उनकी एनडीए सरकार का वही हाल होगा जो 2004 में अटल बिहारी वाजपेयी सरकार का हुआ था, 'इंडिया शाइनिंग' अभियान के बावजूद भाजपा हार गई थी.

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आनंद शर्मा ने कहा कि नेतागण तय करेंगे कि अगला प्रधानमंत्री कौन होगा और यह इस बात पर निर्भर करता है कि कौन सी पार्टी आगे है. अगर कांग्रेस आगे रहेगी तो अगले प्रधानमंत्री हमारे प्रमुख राहुल गांधी होंगे. शर्मा ने कहा कि चुनाव से पहले भी गठबंधन होते हैं और चुनाव के बाद भी, इसलिए यह सब नतीजों पर निर्भर करेगा.

मौजूदा चुनाव में भाजपा के प्रदर्शन की भविष्यवाणी करते हुए आनंद शर्मा ने कहा कि यही सवाल 2004 में भी हमारे सामने रखा गया था जब अटल बिहारी वाजपेयी के रूप में कहीं बेहतर प्रधानमंत्री थे, लेकिन क्या हुआ था? इंडिया शाइनिंग नाकाम हो गया और वही अब होने वाला है.

शर्मा ने दावा किया कि मैं कोई ज्योतिषी नहीं हूं लेकिन एक बात मैं आपसे कह सकता हूं कि नरेंद्र मोदी प्रधानमंत्री नहीं बनेंगे और भाजपा हार जाएगी. साथ ही कहा कि कांग्रेस को ज्यादा संख्या में सीटें मिलेंगी. शर्मा ने कहा, "सवाल यह है कि विमर्श का विषय क्या है? क्या पीएम लोगों से कुछ वादा कर रहे हैं? क्या पीएम को पिछले पांच वर्षों के दौरान अपने कार्यों का हिसाब नहीं देना चाहिए?" उन्होंने कहा कि 2014 में लोकसभा चुनाव प्रचार के दौरान किए गए वादों को पूरा नहीं करने के लिए प्रधानमंत्री को माफी मांगनी चाहिए.

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आनंद शर्मा ने आरोप लगाया,  "प्रधानमंत्री और भाजपा अपने अभियान में भावनात्मक अपीलों का सहारा ले रहे हैं. आगे आरोप लगाते हुए उन्होंने कहा कि वे लोगों की भावनाओं के साथ खेल रहे हैं, यह शर्म की बात है. इस देश के इतिहास में पहली बार प्रधानमंत्री सशस्त्र बलों का उपयोग राजनीतिक एजेंडे के लिए कर रहे हैं. इसके लिए उनकी निंदा की जानी चाहिए."

शर्मा ने कहा कि भारतीय सेना नरेंद्र मोदी सरकार की नहीं है, यह लोगों और राष्ट्र की है. उन्होंने हमारे सैनिकों की शहादत और बलिदान का अपमान किया है. उन्होंने कहा कि आतंकवाद से मुकाबले के बारे में भाजपा को कांग्रेस को सीख देने की जरूरत नहीं है, क्योंकि देश की सबसे पुरानी पार्टी ने इस लड़ाई में दो प्रधानमंत्रियों- इंदिरा गांधी और राजीव गांधी को खोया है.

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