17वीं लोकसभा चुनाव के तहत उत्तर प्रदेश की रामपुर सीट से समाजवादी पार्टी के उम्मीदवार आजम खान ने 109997 मतों के साथ जीत दर्ज की है. उन्होंने अपनी निकटतम प्रतिद्ंवदी भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) की प्रत्याशी जया प्रदा को शिकस्त दी. आजम खान को 559177 यानी 52.71 प्रतिशत वोट मिले जबकि जया प्रदा को 449180 (42.34%) वोट मिले.
रामपुर लोकसभा संसदीय सीट चुनाव प्रचार के दौरान खासे चर्चा में रही. आजम खान का गढ़ मानी जाने वाली रामपुर लोकसभा सीट में उनकी टिप्पणी और विवादास्पद बयान को लेकर खूब आलोचना हुई थी. विवादास्पद टिप्पणी के चलते चुनाव आयोग ने अस्थायी तौर पर आजम खान पर प्रतिबंध भी लगाया.
कौन-कौन प्रमुख उम्मीदवार
सामान्य वर्ग वाली इस सीट पर सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी से जयाप्रदा को चुनाव मैदान में उतारा था जिनका मुख्य मुकाबला समाजवादी पार्टी के आजम खान और कांग्रेस संजय कपूर से था. रामपुर लोकसभा सीट से इस बार 11 उम्मीदवार मैदान में रहे.
2014 का चुनाव
2014 के लोकसभा चुनाव में रामपुर सीट पर 59.16 फीसदी वोटिंग हुई थी, जिसमें बीजेपी प्रत्याशी नेपाल सिंह को 37.42 फीसदी (3,58,616) वोट मिले थे और और उनके निकटतम सपा प्रत्याशी नसीर अहमद खान को 34.98 फीसदी (3,35,181) मिले थे. इसके अलावा कांग्रेस से नवाब काजिम अली को महज 16.33 फीसदी (1,56,466) वोट मिले थे. इस सीट पर बीजेपी के नेपाल सिंह ने 23,435 मतों से जीत दर्ज की थी.
सामाजिक ताना-बाना
2011 की जनगणना के अनुसार रामपुर क्षेत्र में कुल 50.57 % मुस्लिम आबादी है, जबकि 45.97 % हिंदू जनसंख्या है.रामपुर लोकसभा क्षेत्र में कुल 5 विधानसभा सीटें आती हैं. इनमें सुआर, चमरौआ, बिलासपुर, रामपुर और मिलक शामिल है. इनमें बिलासपुर और मिलाक सीट पर 2017 के विधानसभा चुनाव में भारतीय जनता पार्टी ने जीत दर्ज की थी. जबकि अन्य तीन सीटों पर समाजवादी पार्टी का ही कब्जा रहा था.
रामपुर का इतिहास
1952 में हुए पहले संसदीय चुनाव में रामपुर से कांग्रेस की ओर से डॉ. अबुल कलाम आजाद ने जीत दर्ज की थी. 1952 से लेकर 1971 तक इस सीट पर कांग्रेस का कब्जा रहा लेकिन 1977 में एक बार भारतीय लोकदल के प्रत्याशी यहां से जीते. लेकिन कांग्रेस का फिर से यहां पर दबदबा कायम हो गया.
कांग्रेस के ज़ुल्फिकार अली खान ने 1967 से लगातार तीन बार यहां से चुनाव जीत. ज़ुल्फिकार कुल 5 बार रामपुर से सांसद रहे. 1991 और 1998 में इस सीट पर भारतीय जनता पार्टी ने जीत दर्ज की. 1998 में बीजेपी के टिकट पर मुख्तार अब्बास नकवी यहां से चुनाव जीते थे. उसके बाद 2004 और 2009 में समाजवादी पार्टी की तरफ से बॉलीवुड अभिनेत्री जयाप्रदा यहां से सांसद चुनी गई थीं. यहां हुए कुल 16 चुनाव में से दस बार कांग्रेस जीती है. 2014 में बीजेपी ने तीसरी बार जीत हासिल की और नेपाल सिंह सांसद चुने गए.
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वरुण शैलेश