राहुल गांधी को ब्रिटिश नागरिक क्यों बताते हैं सुब्रमण्यम स्वामी, जानें क्या हैं उनके तर्क

4 साल पहले यानी 2015 में सुब्रमण्यम स्वामी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को चिट्ठी लिख सबसे पहले इस सवाल को खड़ा किया था. नवंबर 2015 में लिखी गई इस चिट्ठी में स्वामी ने दावा किया था कि राहुल ब्रिटिश नागरिक हैं, ऐसे में उनकी भारतीय नागरिकता और संसद की सदस्यता रद्द कर दी जाए.

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राहुल गांधी की नागरिकता पर फिर हुआ विवाद राहुल गांधी की नागरिकता पर फिर हुआ विवाद

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 30 अप्रैल 2019,
  • अपडेटेड 3:27 PM IST

कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी की नागरिकता क्या है? भारतीय या ब्रिटिश? ये सवाल एक बार फिर भारतीय राजनीति में चर्चा में आ गया है. भारतीय जनता पार्टी के नेता सुब्रमण्यम स्वामी लंबे समय से राहुल की नागरिकता पर सवाल उठाते रहे हैं और अब गृह मंत्रालय ने राहुल गांधी को इस पर जवाब देने को कहा है. स्वामी का आरोप है कि राहुल गांधी ब्रिटिश हैं, तो वहीं कांग्रेस का कहना है कि वह जन्मजात भारतीय हैं.

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ऐसे में समझिए कि ये विवाद कब से चल रहा है और क्या है.

>  दरअसल, 4 साल पहले यानी 2015 में सुब्रमण्यम स्वामी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को चिट्ठी लिख सबसे पहले इस सवाल को खड़ा किया था. नवंबर 2015 में लिखी गई इस चिट्ठी में स्वामी ने दावा किया था कि राहुल ब्रिटिश नागरिक हैं, ऐसे में उनकी भारतीय नागरिकता और संसद की सदस्यता रद्द कर दी जाए.

इस मसले को लेकर सुप्रीम कोर्ट में भी याचिका दायर की गई थी, लेकिन अदालत ने इसकी सीबीआई जांच कराने की मांग वाली अर्जी को खारिज कर दिया था.

> जनवरी, 2016 में ये मामला एक बार फिर चर्चा में आया था. तब बीजेपी सांसद महेश गिरी ने लोकसभा स्पीकर को चिट्ठी लिख राहुल गांधी की नागरिकता पर स्थिति स्पष्ट करने की मांग की थी. जिसके बाद ये मसला एक समिति के सामने चला गया था, जहां पूरी जांच हुई और राहुल गांधी को जवाब देना पड़ा.

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समिति को दिए गए अपने जवाब में राहुल गांधी ने कहा था कि ये सिर्फ मेरी छवि खराब करने की एक कोशिश है. उन्होंने कहा था कि मैंने ना कभी ब्रिटिश नागरिकता मांगी और ना ही रखी है. हैरत की बात है कि समिति ने इस तरह की याचिका को स्वीकार भी किया.

> सितंबर, 2017 में ये मसला एक बार फिर चर्चा में आ गया था उस दौरान स्वामी ने ट्वीट कर इसका जिक्र किया था. साथ ही उन्होंने गृहमंत्री राजनाथ सिंह को भी मसले पर चिट्ठी लिख दी थी और अब जब चुनाव चरम पर है तो गृह मंत्रालय ने राहुल गांधी से जवाब तलब कर लिया है.

क्या हैं सुब्रमण्यम स्वामी का तर्क?

दरअसल, स्वामी ने गृह मंत्रालय को बताया है कि 2003 से यूनाइटेड किंगडम में रजिस्टर्ड Backops Limited नाम की कंपनी में राहुल गांधी निदेशक हैं. साथ ही इस कंपनी में सचिव भी हैं. शिकायत में यह भी कहा गया है कि 2005 व 2006 में कंपनी द्वारा फाइल किए गए वार्षिक रिटर्न में आपकी (राहुल गांधी) जन्मतिथि 19/06/1970 बताई गई है और अपनी नागरिकता ब्रिटिश घोषित की है.

क्या कहता है कानून?

भारतीय कानून के अनुसार, कोई भी नागरिक सिर्फ एक ही नागरिकता रख सकता है. यानी अगर वह भारत का नागरिक है, तो वह किसी अन्य देश की नागरिकता नहीं रख सकता है. भारत में दोहरी नागरिकता को मान्यता नहीं है. इसका मतलब कोई विदेशी नागरिक सांसद भी नहीं रह सकता है.

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राहुल गांधी की नागरिकता पर ना सिर्फ स्वामी ने सवाल खड़े किए हैं, बल्कि हाल ही में जब राहुल ने वायनाड और अमेठी से अपना नामांकन किया तो भी वहां विपक्षी उम्मीदवारों ने राहुल की नागरिकता पर सवाल किया था. हालांकि, तब दस्तावेज सही पाए गए थे और राहुल का नामांकन स्वीकार कर लिया गया था.

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