दुनिया के नेताओं की भारत से और बढ़ीं उम्मीदें, बोले मोदी

संसद भवन के सेंट्रल हॉल में एनडीए संसदीय दल की बैठक को पीएम नरेंद्र मोदी ने शनिवार को संबोधित किया. उन्होंने कहा कि पिछले दिनों में मुझे बधाई देने के लिए विदेशी नेताओं के फोन आए और उनकी बातों से लगा कि उनका भारत में विश्वास बढ़ा है.

Advertisement
एनडीए संसदीय दल की बैठक को संबोधित करते पीएम। एनडीए संसदीय दल की बैठक को संबोधित करते पीएम।

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 26 मई 2019,
  • अपडेटेड 12:07 AM IST

संसद भवन के सेंट्रल हॉल में एनडीए संसदीय दल की बैठक को पीएम नरेंद्र मोदी ने शनिवार को संबोधित किया. उन्होंने कहा कि पिछले दिनों में मुझे बधाई देने के लिए विदेशी नेताओं के फोन आए और उनकी बातों से लगा कि उनका भारत में विश्वास बढ़ा है. पीएम मोदी की अगुआई में बीजेपी दूसरी बार पूर्ण बहुमत से सरकार बनाने जा रही है. बीजेपी को अकेले 303 सीटों पर जीत मिली. वहीं एनडीए का आंकड़ा 353 तक पहुंच गया.  

Advertisement

पीएम ने कहा, आज सबका साथ-सबका विकास मंत्र पूरी दुनिया ने स्वीकार किया है. विदेशी नेता ट्रांसलेशन करके मुझसे पूछते हैं कि इसका मतलब क्या है. पीएम ने कहा कि 2019 लोकसभा चुनाव की कई विशेषताएं हैं. 2014 में हमें जितने वोट मिले थे और 2019 में जितने मिले, उसमें 25 प्रतिशत का इजाफा हुआ है. लेकिन वैश्विक परिप्रेक्ष्य में जितने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को वोट मिले, उतना हमारा इंक्रीमेंट है.

पीएम ने कहा कि वैश्विक स्तर पर भी 2019 चुनाव की चर्चा होगी. पीएम ने कहा, ''आजादी के बाद पहली बार लोकसभा चुनावों में इतनी ज्यादा वोटिंग हुई है. इन दिनों मुझे विदेश से बधाई के लिए फोन आते हैं तो मैं उन्हें बताता हूं कि 40-45 डिग्री में लोग वोट डालने जाते हैं तो उन्हें अजूबा लगता है.''

भाषण के दौरान पीएम ने दलितों और अल्पसंख्यकों की स्थिति को लेकर भी राय रखी. उन्होंने कहा, ''देश में गरीब एक राजनीतिक संवाद-विवाद का विषय रहा, एक फैशन का हिस्सा बन गया, भ्रमजाल में रहा. पांच साल के कार्यकाल में हम कह सकते हैं कि हमने गरीबों के साथ जो छल चल रहा था, उस छल में हमने छेद किया है और सीधे गरीब के पास पहुंचे हैं. देश की माइनॉरिटी को उस छलावे में ऐसा भ्रमित और भयभीत रख गया है, उससे अच्छा होता कि माइनॉरिटी की शिक्षा, स्वास्थ्य की चिंता की जाती. 2019 में हमें इस छल को भी छेदना है, हमें विश्वास जीतना है.

Advertisement
एनडीए संसदीय दल की बैठक में एनडीए के नेता के तौर पर पीएम नरेंद्र मोदी का नाम प्रस्तावित किया गया, जिस पर सबसे सर्वसम्मति से मुहर लगाई. इसके बाद एनडीए के नेताओं ने राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद को समर्थन पत्र सौंपा और फिर पीएम मोदी ने राष्ट्रपति से मुलाकात की. रिपोर्ट्स में कहा जा रहा है कि मोदी 30 मई को शपथ ले सकते हैं. 

Read more!
Advertisement

RECOMMENDED

Advertisement