महाराष्ट्र: कांग्रेस को झटका, विधायक दल के नेता ने दिया इस्तीफा

महाराष्ट्र में कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और विधानसभा में नेता विपक्ष राधाकृष्ण विखे पाटिल ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है. उन्होंने अपना इस्तीफा कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी को भेज दिया है. हालांकि उन्होंने अभी पार्टी से इस्तीफा नहीं दिया है.  इससे पहले  विखे पाटिल के बेटे सुजय विखे पाटिल ने कांग्रेस छोड़कर बीजेपी का दामन थाम चुके हैं.

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राधाकृष्ण विखे पाटिल राधाकृष्ण विखे पाटिल

कमलेश सुतार

  • मुंबई,
  • 19 मार्च 2019,
  • अपडेटेड 3:03 PM IST

महाराष्ट्र में कांग्रेस को एक के बाद एक बड़ा झटका लग रहा है. पहले दलित नेता प्रकाश अंबेडकर ने गठबंधन नहीं किया और अब महाराष्ट्र में कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और विधानसभा में नेता विपक्ष राधाकृष्ण विखे पाटिल ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है. उन्होंने अपना इस्तीफा कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी को भेज दिया है. इससे पहले  विखे पाटिल के बेटे सुजय विखे पाटिल ने कांग्रेस छोड़कर बीजेपी का दामन थाम चुके हैं.

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दरअसल, राधाकृष्ण विखे पाटिल के प्रतिपक्ष के पद छोड़ने की सबसे बड़ी वजह मानी जा रही है अहमदनगर लोकसभा सीट. इस सीट से वो अपने बेटे के लिए टिकट मांग रहे थे. लेकिन ये सीट एनसीपी के खाते में गई है. इसके चलते पहले उनके बेटे पार्टी छोड़ी और अब राधाकृष्ण विखे पाटिल ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है.

महाराष्ट्र में लोकसभा चुनाव के लिए कांग्रेस और एनसीपी में सीटों का बंटवारा हो चुका है. कांग्रेस ने अपने पास 26 सीटें बरकरार रखी हैं, वहीं एनसीपी को 22 सीटें दी हैं. लेकिन एनसीपी अहमदनगर सीट सुजय पाटिल को नहीं देना चाहती.

एनसीपी से राधाकृष्ण विखे पाटिल ने आग्रह किया था कि उनके बेटे के लिए अहमदनगर लोकसभा सीट छोड़ दी जाए, लेकिन एनसीपी ने उनका आग्रह ठुकरा दिया. सुजय महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेन्द्र फडणवीस की मौजूदगी में बीजेपी में शामिल हुए थे. मौजूदा समय में दिलीप गांधी अहमदनगर लोकसभा सीट से सांसद है.

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महाराष्‍ट्र में गठबंधन को लेकर पहले ही कई दलों की नाराजगी झेल रही कांग्रेस को अब सपा-बसपा से भी टक्‍कर मिल सकती है. यूपी के बाद अब महाराष्ट्र में समाजवादी पार्टी और बहुजन समाज पार्टी मिलकर चुनाव लड़ सकती हैं.

कांग्रेस से बात न बनने के कारण प्रकाश अंबेडकर ने असदुद्दीन ओवैसी के साथ मिलकर लोकसभा चुनाव 2019 लड़ने का फैसला किया है. लिहाजा, पहले ही इस गठबंधन से अलग हो चुकी कांग्रेस के लिए सपा-बसपा का गठबंधन मुश्किलें पैदा करने वाला हो सकता है.

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