लोकसभा चुनाव के आखिरी चरण से पहले बिहार में सियासी लेटरबाजी और उठापटक शुरू हो गई है. बिहार के पूर्व उपमुख्यमंत्री और राष्ट्रीय जनता दल (आरजेडी) के नेता तेजस्वी यादव ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के नाम लेटर लिखा है. इसमें तेजस्वी यादव ने आरजेडी सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव के जेल से बाहर नहीं आने के बयान को लेकर नीतीश कुमार को घेरा है.
तेजस्वी यादव ने अपने लेटर में कहा, 'नीतीश कुमार चाचा जी आप कह रहे थे कि मेरे पिता चाहे कितनी भी कोशिश कर लें, लेकिन जेल से बाहर नहीं आ सकते हैं. आप उन्हें जेल से बाहर नहीं आने देंगे. आपके खुद को सर्वोच्च न्यायालय से भी सर्वोच्च समझकर फैसला सुनाने के पीछे कौन सी नई साजिश है, ये तो मुझे नहीं पता लेकिन बिहार की क्या विडंबना है ये मुझे पता है.'
तेजस्वी ने नीतीश को संबोधित खत में कहा, 'लोकतांत्रिक मूल्यों और जनादेश का अनादर कर जनता की नजरों में आप आदर-सम्मान खो चुके हैं. जनता द्वारा जगह-जगह निरंतर आपका विरोध यह दर्शाता है कि आप जनता के लिए कितने अप्रिय हो गए हैं, लेकिन मेरे लिए आप अब भी अतिप्रिय है. जनाक्रोश की पराकाष्ठा तो यह है कि बक्सर के नंदन गांव में महादलितों ने आप पर हमला तक कर दिया, जिसकी हमने कड़ी निंदा भी की और घटनास्थल का दौरा भी किया.'
इस दौरान बिहार के पूर्व उपमुख्यमंत्री ने मुजफ्फरपुर शेल्टर होम यौन उत्पीड़न मामले को लेकर भी नीतीश कुमार को कठघरे में खड़ा किया. तेजस्वी यादव ने कहा, 'नीतीश चाचा, ये आपके शासन की सबसे बड़ी विडंबना है कि गरीब-गुरबों और वंचितो की आवाज उठाने वाला आज जेल में बैठा है और आप मुजफ्फरपुर शेल्टर होम में मासूम बच्चियों के साथ हुए घिनौने कांड में शामिल अपने दुलारे, प्यारे और चेहते आरोपी ब्रजेश ठाकुर के साथ केक काट रहे है. वो आपकी चुनावी रैली का संचालन कर रहा है.'
तेजस्वी यादव ने कहा, 'जब मुजफ्फरपुर कांड के बाद दिल्ली के जंतर-मंतर पर देश के न्यायप्रिय नागरिकों ने ‘कैन्डल मार्च’ में पहली मोमबत्ती जलाई थी, तब उस एक मोमबत्ती की रोशनी ने आपके सारे बल्ब लगाने के दावों को शर्मसार कर दिया था. उस एक मोमबत्ती की लौ के आगे बिहार की सारी रोशनी शर्मिंदा थी. बिहार को रोशन करने की आपकी पोल को उस एक अकेली मोमबत्ती ने खोल दी औरदुनिया को बता दिया था कि आपके राज में कितना घिनौना स्याह अंधेरा बिहार में फैला हुआ है.'
आरजेडी नेता ने कहा, 'जिस तरह सरकार को जगाने के लिए मोमबत्ती की जरूरत आज भी है, जिस तरह त्यौहार पर खुशियों को मनाने के लिए दीए की जरूरत आज भी है, उसी तरह बिहार से अन्याय और राक्षसी अत्याचारों के घने काले अन्धेरों को भगाने के लिए लालटेन की जरूरत आज भी है और हमेशा रहेगी.'
उन्होंने कहा, 'याद रखिएगा नीतीश चाचा कि सत्य परेशान हो सकता है, लेकिन पराजित नहीं. देर-सवेर बिहार की जनता को न्याय मिलेगा और उनके हक की आवाज उठाने वाला भी जल्द ही उनके बीच होगा. फिर लालू प्रसा यादव ही जनता की तरफ से बिहार पर हुए एक-एक अन्याय का हिसाब जनादेश के महाचोरों से लेंगे और झूठ, धोखे व अवसरवाद को उसकी सही जगह यानी जेल के सींखचों में पहुचाएंगे. आप जेल जाने के असली हकदार हैं.'
पढ़िए आखिर तेजस्वी यादव ने नीतीश कुमार को लिखे लेटर में क्या-क्या कहा.....
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