कैसरगंज लोकसभा सीट पर 53.56% मतदान, बीजेपी से बृजभूषण सिंह फिर मैदान में

उत्तर प्रदेश की कैसरगंज लोकसभा सीट पर बीजेपी की ओर से बृजभूषण सिंह मैदान में हैं. वहीं कांग्रेस ने विनय कुमार पांडे को टिकट दिया है. सपा-बसपा-आरएलडी गठबंधन के तहत ये सीट बसपा के खाते में आई है. बसपा ने यहां से चंद्रदेव राम यादव को टिकट दिया है. फिलहाल इस सीट से बीजेपी के बृजभूषण सिंह सांसद हैं. 

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बेलसर गांव के मतदान केंद्र पर पहुंची नई नवेली दुल्हन(फोटो- आशुतोष मिश्रा) बेलसर गांव के मतदान केंद्र पर पहुंची नई नवेली दुल्हन(फोटो- आशुतोष मिश्रा)

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 06 मई 2019,
  • अपडेटेड 8:39 AM IST

उत्तर प्रदेश की कैसरगंज सीट पर लोकसभा चुनाव के लिए पांचवें चरण की वोटिंग के तहत वोट डाले गए. इस सीट पर 53.56%  मतदान दर्ज किया गया. वहीं इस पांचवें चरण में शामिल उत्तरप्रदेश की 14 सीटों पर औसत मतदान का आंकड़ा 53.20% रहा.

वोटिंग के दौरान इस लोकसभा सीट के तहत बेलसर गांव में दुल्हन के जोड़े में पोलिंग बूथ पर वोट डालने आई दीपशिखा गांव वालों के बीच चर्चा का केंद्र बन गई. ससुराल के लिए विदाई से पहले नई-नवेली दुल्हन दीपशिखा पांडे अपनी मां छोटी बहन और पिता के साथ वोट डालने पोलिंग बूथ पर पहुंची थीं.

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2019 के समर में कैसरगंज सीट पर कुल 12 उम्मीदवार किस्मत आजमा रहे हैं. यहां पर बीजेपी की ओर से बृजभूषण सिंह मैदान में हैं. वहीं कांग्रेस ने विनय कुमार पांडे को टिकट दिया है. सपा-बसपा-आरएलडी गठबंधन के तहत ये सीट बसपा के खाते में आई है. बसपा ने यहां से चंद्रदेव राम यादव को टिकट दिया है. फिलहाल इस सीट से बीजेपी के बृजभूषण सिंह सांसद हैं. 

सीट का इतिहास

कैसरगंज संसदीय क्षेत्र बहराइच की दूसरी लोकसभा सीट है. नेपाल के निकटवर्ती क्षेत्र में आने वाला कैसरगंज 1952 में यह सीट गोंडा वेस्ट सीट के तहत थी जिस पर जनसंघ की शकुंतला नायर ने जीत हासिल की थी. 1957 में कैसरगंज लोकसभा सीट बनने के बाद वह 1967 और 1971 में भी इस सीट से जीत हासिल करने में कामयाब रहीं.

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1990 से पहले तक यहां पर जनसंघ ने 3 बार, स्वतंत्र पार्टी और जनता पार्टी ने 1-1 बार जीत हासिल की जबकि कांग्रेस के खाते में 3 बार ही जीत आई. 1989 के लोकसभा चुनाव में बीजेपी ने पहली बार यहां पर जीत हासिल की और रुद्र सेन चौधरी सांसद बने. 1991 में भी बीजेपी ने जीत हासिल की, लेकिन इसके बाद बेनी प्रसाद वर्मा 1996 से 2004 तक लगातार 4 बार चुनाव जीतने में कामयाब रहे.

1996 से ही इस सीट पर समाजवादी पार्टी का दबदबा रहा. 1996 से 2004 तक यहां एसपी के टिकट पर बेनी प्रसाद वर्मा चुनाव (1996, 1998, 1999 और 2004) जीतते रहे, लेकिन बेनी के कांग्रेस में चले जाने और सीट बदल लेने के बाद भी एसपी के दबदबे में कोई कमी नहीं आई. 2009 के आम चुनावों में समाजवादी पार्टी के बृजभूषण सिंह ने यहां से चुनाव जीत लिया.

2014 का जनादेश

2014 के लोकसभा चुनाव में भारतीय जनता पार्टी के टिकट पर बृजभूषण शरण सिंह जीत हासिल कर संसद में पहुंचने में कामयाब रहे. कई दलों में रहे बृजभूषण अपने संसदीय क्षेत्र बदलते रहे हैं और पिछले चुनाव में उन्होंने कैसरगंज से जीत हासिल की थी. बृजभूषण को 381,500 (40.4%) वोट जबकि विनोद कुमार को 303,282 (32.1%) वोट मिला. बृज भूषण ने  78,218 (8.3%) मतों के अंतर से यह चुनाव जीत लिया. चुनाव में तीसरे स्थान बहुजन समाज पार्टी (बसपा) रही जिसे 146,726 (15.6 फीसदी) मत हासिल हुए. कांग्रेस चौथे स्थान पर रही.

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