लोकसभा चुनाव 2019 के पांचवें चरण के लिए 6 मई सोमवार को वोट डाले गए. इस सीट पर 56.46% मतदान दर्ज किया गया. वहीं इस पांचवें चरण में शामिल उत्तरप्रदेश की 14 सीटों पर औसत मतदान का आंकड़ा 53.20% रहा.
इस बार उत्तर प्रदेश की बहराइच लोकसभा सीट से 10 उम्मीदवार चुनावी मैदान में हैं. बीजेपी ने मौजूदा सांसद सावित्री बाई फुले का टिकट काट अक्षयबर लाल को टिकट दिया है. अक्षयबर के सामने सपा-बसपा गठबंधन की तरफ से सपा के शब्बीर बाल्मिकी चुनावी मैदान पर हैं. कांग्रेस ने पिछली बार बीजेपी से सांसद सावित्री बाई फुले को टिकट दिया है. इसके अलावा प्रगतिशील समाजावादी पार्टी (लोहिया), राष्ट्रीय जन अधिकार पार्टी (युनाइटेड), राष्ट्रीय क्रांति पार्टी, शिवसेना के साथ अन्य तीन निर्दलीय चुनाव मैदान में उतरकर किस्मत आजमा रहे हैं.
10 मार्च को लोकसभा चुनाव 2019 की घोषणा होने के बाद देश, चुनावी माहौल में आ गया था. 10 अप्रैल को इस सीट के लिए नोटिफिकेशन निकला, 18 अप्रैल को नॉमिनेशन की अंतिम तारीख, 20 अप्रैल को स्क्रूटनी और 22 अप्रैल को नाम वापिसी की अंतिम तारीख थी. आज 6 मई को मतदान के लिए सभी दलों ने अपनी ताकत झोंक दी है. लोकसभा चुनाव 2019 के पांचवे चरण में 7 राज्यों की 51 लोकसभा सीटों पर मतदान हो रहा है. देश की सत्ता वर्तमान पीएम नरेंद्र मोदी संभालेंगे या 'वेटिंग इज पीएम' राहुल गांधी, ये 23 मई को परिणाम आने के बाद तय होगा.
बहराइच संसदीय सीट उत्तर प्रदेश के 80 लोकसभा सीटों में और प्रदेश के 17 अनुसूचित जाति के लिए आरक्षित सीटों में से एक है और यह 56वें नंबर की सीट है. यह क्षेत्र महान स्वतंत्रता सेनानी रफी अहमद किदवई की जन्म और कर्मस्थली के रूप में जाना जाता है. पंडित जवाहर लाल नेहरू के केंद्रीय मंत्रिमंडल में शामिल 2 मुस्लिम नेताओं में अबुल कलाम आजाद के अलावा अहमद भी शामिल थे.
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सामाजिक ताना-बाना
2011 की जनगणना के अनुसार, बहराइच जिले की कुल आबादी 34.9 लाख है जिसमें 18.4 लाख (53%) पुरुष और 16.4 लाख (47%) महिलाओं की आबादी है. इसमें से 85% आबादी सामान्य वर्ग की और 15 फीसदी आबादी अनुसूचित जाति की है.
धर्म आधारित आबादी पर नजर डाली जाए तो 66% लोग हिंदू और 34% मुस्लिम समुदाय से आते हैं. लिंगानुपात के आधार पर प्रति हजार पुरुषों पर 892 महिलाएं हैं. इस जिले की साक्षरता दर बेहद दयनीय है और यहां की आधी से कम आबादी ही साक्षर है. 49% साक्षर आबादी में पुरुषों की 58% पुरुष और 39% महिलाओं की आबादी साक्षर है.
बहराइच जिले में 5 विधानसभा क्षेत्र (बल्हा, नानपारा, मटेरा, महासी और बहराइच) आते हैं, जिसमें बल्हा विधानसभा सीट अनुसूचित जाति के लिए आरक्षित है. इन 5 सीटों पर एक पर समाजवादी पार्टी का कब्जा है, जबकि शेष 4 पर बीजेपी की पकड़ है.
बल्हा विधानसभा सीट पर भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के अक्षयवरलाल विधायक हैं जिन्होंने बसपा के किरण भारती को 46,616 मतों से हराया जबकि नानपारा से बीजेपी की माधुरी वर्मा ने कांग्रेस के वारिस अली को 18,669 मतों के अंतर से हराया था. मटेरा विधानसभा समाजवादी पार्टी के यासर शाह ने बीजेपी के अरुणवीर सिंह को कड़े मुकाबले में 1,595 मतों के अंतर से हराया था.
महासी विधानसभा सीट पर बीजेपी का कब्जा है जहां से उसके उम्मीदवार सुरेश्वर सिंह ने कांग्रेस के अली अकबर को 58,969 मतों से हराया था. वहीं बहराइच विधानसभा सीट से बीजेपी की अनुपमा जयसवाल ने सपा की रुबाब सैयदा को 6,702 मतों के अंतर से हराया था.
2014 का जनादेश
2014 के लोकसभा चुनाव में भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) ने यहां से जीत हासिल की थी. तब इस संसदीय क्षेत्र में कुल 16,38,645 मतदाता थे जिसमें 8,82,776 पुरुष और 7,55,869 महिला मतदाता थीं. इनमें से 9,34,263 (57.0%) लोगों ने अपने मताधिकार का प्रयोग किया जिसमें 13,498 (0.8%) लोगों ने नोटा के पक्ष में वोट किया.
बहराइच लोकसभा सीट पर 10 उम्मीदवारों ने अपनी चुनौती पेश की जिसमें मुख्य मुकाबला बीजेपी की सावित्री बाई फुले और समाजवादी पार्टी के शब्बीर अहमद के बीच रहा. सावित्री बाई फुले ने 4,32,392 (46.3%) और शब्बीर अहमद ने 3,36,747 (36.0%) वोट हासिल किए. इस आधार पर फुले ने यह चुनाव 95,645 (10.2%) मतों के अंतर से जीत लिया.
बसपा के डॉक्टर विजय कुमार तीसरे स्थान पर रहे जबकि कांग्रेस के कमांडो कमल किशोर चौथे स्थान पर रहे. आम आदमी पार्टी यहां पांचवें नंबर पर रही.
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श्याम सुंदर गोयल