गोवा की उत्तर गोवा लोकसभा सीट पर तीसरे चरण की वोटिंग के तहत मंगलवार को वोट डाले गए. चुनाव आयोग के मुताबिक उत्तर गोवा में 76.86 फीसदी मतदान हुआ. गोवा के मुख्यमंत्री प्रमोद सावंत ने पत्नी के साथ सांखली के बूथ नंबर 47 पर मतदान किया. फिलहाल यहां से भारतीय जनता पार्टी के श्रीपाद येसो नाईक सांसद हैं. भारतीय जनता पार्टी ने इस बार फिर उनको मौका दिया है.
उत्तर गोवा लोकसभा सीट पर कांग्रेस पार्टी ने गिरीश राय चोडांकर, भारतीय जनता पार्टी ने श्रीपद येसो नाइक, रिपब्लिकन पार्टी ऑफ इंडिया (कंबल) ने अमित आत्माराम कोगांकर और आम आदमी पार्टी ने दत्तात्रेय पडगांवकर को चुनाव मैदान में उतारा है. इसके अलावा ऐश्वर्या अर्जुन सलगांवकर और भगवंत सदानंद कामत बतौर निर्दलीय अपनी किस्मत आजमा रहे हैं.
इससे पहले साल 2014 में उत्तर गोवा लोकसभा सीट से भारतीय जनता पार्टी के श्रीपद येसो नाईक ने जीत दर्ज की थी. 61 वर्षीय नाईक ने यहां लगातार चौथी बार लोकसभा चुनाव जीता है. नाईक मोदी सरकार में राज्यमंत्री भी हैं. उनको आयुष मंत्रालय का स्वतंत्र प्रभार सौंपा गया है. पिछले लोकसभा चुनाव में श्रीपाद येसो नाईक ने अपने करीबी प्रतिद्वंदी कांग्रेस पार्टी के रवि नाईक को एक लाख पांच हजार 599 वोटों के अंतर से करारी शिकस्त दी थी.
| SL. NO. | Candidate Name | Party Name | |
|---|---|---|---|
| 1 | GIRISH RAYA CHODANKAR | Indian National Congress | |
| 2 | HRIPAD YESSO NAIK | Bharatiya Janata Party | |
| 3 | AMIT ATMARAM KORGAONKAR | Republican Party of India (Kamble) | |
| 4 | DATTATRAYA PADGAONKAR | Aam Aadmi Party | |
| 5 | AISHWARYA ARJUN SALGAONKAR | Independent | |
| 6 | BHAGAWANT SADANAND KAMAT | Independent |
श्रीपाद नाईक ने पिछले लोकसभा चुनाव में दो लाख 37 हजार 903 वोट हासिल किए थे, जो कुल मतदान का 59 फीसदी था. वहीं, कांग्रेस के रवि नाईक को एक लाख 32 हजार 304 वोट मिले. इस सीट पर साल 2014 के लोकसभा चुनाव में चार लाख 6 हजार 945 वोट पड़े थे और मतदान प्रतिशत 77.80 फीसदी था. इस सीट में कुल वोटरों की संख्या 5 लाख 15 हजार 441 है, जिसमें से महिला वोटरों की संख्या दो लाख 5 हजार 701 है. इससे पहले साल 2009 के लोकसभा चुनाव में उत्तर गोवा सीट पर 60 प्रतिशत वोटिंग हुई थी.
उत्तर गोवा संसदीय क्षेत्र में भारतीय जनता पार्टी (BJP), कांग्रेस पार्टी, नेशनलिस्ट कांग्रेस पार्टी (NCP), यूनाइटेड गोवा पार्टी (UGP), महाराष्ट्रवादी गोमांतक पार्टी (MAG), यूनाइटेड गोवा डेमोक्रेटिक पार्टी (UGDP) और गोवा फॉरवर्ड पार्टी (GFP) का प्रभाव है. हालांकि अभी तक यहां से बीजेपी, कांग्रेस और महाराष्ट्रवादी गोमांतक पार्टी को ही जीत मिली है. पिछले चार बार से उत्तर गोवा लोकसभा सीट से बीजेपी के श्रीपाद येसो नाईक जीतते आ रहे हैं. यहां से बीजेपी को जितनी बार भी जीत मिली, वो श्रीपाद येसो नाईक ने ही दिलाई.
इस सीट पर 13 बार हुए लोकसभा चुनावों में से चार बार बीजेपी, पांच बार कांग्रेस और महाराष्ट्रवादी चार बार गोमांतक पार्टी ने जीत दर्ज की थी. नाईक से पहले 1998 में इस सीट पर कांग्रेस के रवि सीताराम नाईक का कब्जा था. इससे भी पहले साल 1996 में महाराष्ट्रवादी गोमांतक पार्टी के प्रत्याशी खालाप रमाकांत ने जीत दर्ज की थी. साल 2014 के लोकसभा चुनाव में कांग्रेस पार्टी दूसरे नंबर पर रही. अगर श्रीपाद येसो नाईक को छोड़ दिया जाए, तो यहां की जनता ने एक बार से ज्यादा किसी को नहीं जिताया. नाईक यहां से सबसे ज्यादा बार चुनाव जीता है.
भारत के पश्चिमी तट में स्थित गोवा राज्य में लोकसभा की 2 सीटें हैं, जिनमें उत्तर गोवा और दक्षिण गोवा सीट शामिल हैं. गोवा समुद्री तटों और प्राकृतिक खूबसूरती के लिए दुनिया भर में मशहूर है, जहां भारतीय और विदेशी पर्यटकों का अक्सर जमावड़ा लगा रहता है. यहां की अर्थव्यवस्था भी काफी हद तक पर्यटन पर निर्भर है. प्रति व्यक्ति आय की दृष्टि से यह भारत का सबसे अमीर राज्य माना जाता है. इस राज्य की प्रति व्यक्ति आय भारत की प्रति व्यक्ति आय से ढाई गुना ज्यादा है. यह राज्य भारत के कोंकण क्षेत्र में आता है. गोवा पहले पुर्तगाल का उपनिवेश था, जिसको साल 1961 में पुर्तगालियों ने भारत को सौंप दिया था. यह क्षेत्रफल की दृष्टि से भारत का सबसे छोटा राज्य है, जबकि जनसंख्या के हिसाब से इसका स्थान चौथा है.
उत्तर गोवा संसदीय क्षेत्र में सबसे ज्यादा आबादी हिंदुओं की है और फिर दूसरे नंबर पर ईसाई समुदाय के लोगों की संख्या है. यह राज्य आर्थिक रूप से पर्यटन, लौह खनिज और मत्स्य पालन पर निर्भर है. यहां की प्राकृतिक खूबसूरती देखने के लिए भारत और दुनिया के विभिन्न हिस्सों से लोग पहुंचते हैं. गोवा की 40 सदस्यीय विधानसभा की 20 सीटें उत्तर गोवा संसदीय क्षेत्र में आती हैं. सूबे की राजधानी पणजी भी इसी संसदीय क्षेत्र में है.
आपको बता दें कि साल 1990 तक राज्य में राजनीतिक माहौल शांतिपूर्ण था, लेकिन उसके बाद 15 वर्षों तक जमकर राजनीतिक उथल-पुथल देखने को मिली. इन 15 वर्षों में 14 बार सरकारें बदलीं. इसके बाद साल 2005 में तत्कालीन राज्यपाल ने विधानसभा को भंग कर राष्ट्रपति शासन घोषित कर दिया. फिर साल 2007 में हुए विधानसभा चुनाव में कांग्रेस ने बहुमत से जीत दर्ज करते हुए सरकार बनाई थी. वर्तमान में यहां के मुख्यमंत्री मनोहर पर्रिकर और राज्यपाल मृदुला सिन्हा हैं. यहां कोंकणी, मराठी, अंग्रेजी, हिन्दी, पुर्तगाली भाषाएं बोली जाती हैं.
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राम कृष्ण