आंध्र प्रदेश की राजमुंदरी लोकसभा सीट पर मतदान खत्म, EVM ने वोटर्स को किया परेशान

मंगती रूपा का मुकाबला YSRCP प्रत्याशी मरगनी भारत से हैं. मरगनी भारत ने अमेरिका में एमबीए की पढ़ाई की है. वे अपने पिता का बिजनेस संभाल रहे थे, तभी एक कार्यक्रम में उनकी मुलाकात जगन मोहन से हुई. इनकी नेतृत्व क्षमता से प्रभावित होकर मरगनी ने उन्हें राजमुंदरी लोकसभा सीट से टिकट दे दिया.

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फाइल फोटो आजतक फाइल फोटो आजतक

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 11 अप्रैल 2019,
  • अपडेटेड 7:26 PM IST

आंध्र प्रदेश की चर्चित राजमुंदरी लोकसभा सीट पर वोटिंग खत्म हो गई है. यहां पर 86.54 फीसदी मतदान हुआ है. यहां पर सुबह 7 बजे से पहले ही मतदाताओं में वोटिंग को लेकर उत्साह देखने को मिला. मतदान केंद्रों पर लंबी-लंबी कतारें देखने को मिली, पर EVM में आई दिक्कतों से मतदाता खासे परेशान हुए. मुख्यमंत्री एन चंद्रबाबू नायडू ने अपने परिवार के साथ अमरावती के उंदावल्ली गांव में वोट डाला. इस दौरान उनके बेटे नारा लोकेश और उनका पूरा परिवार मौजूद था. YSR कांग्रेस अध्यक्ष जगन मोहन रेड्डी ने कडपा जिले के पुलिवेंदुला गांव में वोट डाला. पुलिवेंदुला विधानसभा सीट से ही जगनमोहन चुनाव लड़ रहे हैं.

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इस सीट पर टीडीपी के टिकट पर मंगती रूपा चुनाव लड़ रही हैं. इससे पहले मंगती रूपा के ससुर मुरली मोहन यहां से सांसद थे. मंगती रूपा का मुकाबला YSRCP प्रत्याशी मरगनी भारत से हैं. मरगनी भारत ने अमेरिका में एमबीए की पढ़ाई की है. वे अपने पिता का बिजनेस संभाल रहे थे, तभी एक कार्यक्रम में उनकी मुलाकात जगन मोहन से हुई. इनकी नेतृत्व क्षमता से प्रभावित होकर मरगनी ने उन्हें राजमुंदरी लोकसभा सीट से टिकट दे दिया. यहां से जनसेना पार्टी ने पूर्व बीजेपी विधायक अकुला सत्यनारायण को टिकट दिया है. कांग्रेस इस सीट से नल्लूरी विजय श्रीनिवास राव को चुनाव लड़वा रही है. जबकि बीजेपी के सत्य गोपीनाथ दास चुनाव लड़ रहे हैं. इस सीट से जन जागृति पार्टी के बंडारु राजेश्वर राव भी मैदान में हैं. इस सीट पर कुल 11 कैंडिडेट मैदान में हैं.

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राजमुंदरी सीट का समीकरण

राजमुंदरी सीट पर प्रजा सोशलिस्ट पार्टी ने पहला आम चुनाव जीता था लेकिन उसके बाद इस पार्टी के उम्मीदवार दोबारा जीत हासिल करने में नाकामयाब रहे. हालांकि, इस सीट पर शुरू से ही कांग्रेस का दबदबा रहा है. इसका अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि कांग्रेस ने यहां से 10 बार आम चुनाव में जीत दर्ज की है. टीडीपी के गठन के बाद से प्रदेश की राजनीति ने करवट ली और कांग्रेस का प्रभाव कम होना शुरू हुआ. 1982 के बाद हुए 9 आम चुनावों में 3 बार टीडीपी, 2 बार भारतीय जनता पार्टी और 4 बार कांग्रेस ने जीत दर्ज की है. राजमुंदरी उन चुनिंदा सीटों में से एक है जहां बीजेपी का भी प्रभाव है.

2014 में TDP को मिले थे 54 फीसद वोट

2014 के आम चुनाव में इस लोकसभा क्षेत्र में 81.22  फीसदी मतदान हुए. 2014 में टीडीपी उम्मीदवार मुरली मोहन ने 1,67,434 वोटों के अंतर से वाईएसआर कांग्रेस के उम्मीदवार बोदू वेंकटरमन चौधरी को हराया. इसी के साथ मुरली मोहन प्रदेश के उन नवनिर्वाचित सांसदों में शुमार हो गए जिन्होंने सबसे ज्यादा मार्जिन से विरोधियों को हराया था.

यह वही मुरली मोहन हैं जिन्हें 2009 के आम चुनाव में महज 2147 वोटों के अंतर से हार का सामना करना पड़ा था. 2014 के आम चुनाव में इस सीट पर टीडीपी नंबर एक पर रही और उसके उम्मीदवार को 54.52 फीसदी वोट मिले. वहीं दूसरे नंबर पर रही वाईएसआर कांग्रेस उम्मीदवार का रहा, जिसे महज 1.84 फीसदी वोट ही मिल सके.

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