Exit Poll 2019: दिल्ली में कैसे फीकी पड़ी अरविंद केजरीवाल की चमक?

दिल्ली में अरविंद केजरीवाल की आम आदमी पार्टी का खाता भी नहीं खुलेगा. ऐसा एग्जिट पोल का कहना है. कभी दिल्ली में अपनी जीत से सबको हैरान कर देने वाले अरविंद केजरीवाल का जादू क्या फीका पड़ता नजर आ रहा है?

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दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल. दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल.

aajtak.in / नवनीत मिश्रा

  • नई दिल्ली,
  • 20 मई 2019,
  • अपडेटेड 11:08 AM IST

दिल्ली में सभी सात लोकसभा सीटें जीतने का दावा करने वाले अरविंद केजरीवाल को एग्जिट पोल ने बड़ा झटका दिया है. उनकी आम आदमी पार्टी(AAP) को एग्जिट पोल में एक भी सीटें मिलती नहीं दिख रहीं हैं. सबसे भरोसेमंद आजतक - एक्सिस माई इंडिया के एग्जिट पोल (Exit Poll) के अनुसार दिल्ली में बीजेपी क्लीन स्वीप करती नजर आ रही है. बीजेपी को जहां 6-7 सीटें मिल सकती हैं, वहीं AAP का खाता भी नहीं खुलेगा. 2014 के लोकसभा चुनाव में बीजेपी को सभी सात सीटें मिलीं थीं.

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यूं तो नतीजे 23 मई को आएंगे, मगर एग्जिट पोल पूरी तरह सही साबित हुए तो फिर अरविंद केजरीवाल और उनकी पार्टी के लिए लगातार बड़ा झटका होगा. क्योंकि 2014 के  के बाद यह दूसरा लोकसभा चुनाव होगा, जिसमें आम आदमी पार्टी को एक भी सीट हासिल नहीं होगी. दो साल पहले हुए दिल्ली नगर निगम चुनाव को भी अरविंद केजरीवाल की सत्ताधारी पार्टी हार चुकी है.

केजरीवाल का क्या फीका पड़ रहा जादू?

यह अरविंद केजरीवाल ही थे, जिन्होंने आम आदमी के दिलोदिमाग में उम्मीदों का चिराग रौशन कर 2015 के विधानसभा चुनाव में  अपनी नई-नवेली पार्टी AAP को प्रचंड बहुमत से जीत दिलाई थी. 70 में से 67 विधानसभा सीटों पर आम आदमी पार्टी की जीत ने न केवल राजनीतिक पंडितों को हैरान कर दिया था, बल्कि पार्टी के भी कुछ नेता भी इन नतीजों से चौंक उठे थे. एक नई पार्टी के इस बंपर प्रदर्शन से नई तरीके की राजनीति के उभार के संकेत मिले. 2015 के विधानसभा चुनाव में अरविंद केजरीवाल की आम आदमी पार्टी की जीत इस मायने में भी खास थी, क्योंकि यह सफलता, 2014 से देश में पैदा हुई मोदी लहर को फेल कर मिली थी.

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मगर बाद के चुनाव नतीजों और अब एग्जिट पोल को देखें तो ऐसे संकेत मिल रहे हैं कि अरविंद केजरीवाल का जादू जनता के सिर से उतरता नजर आ रहा है. दिल्ली में सत्ताधारी आम आदमी पार्टी को इससे पूर्व अप्रैल 2017 में दिल्ली नगर निगम के चुनाव में भी भारी हार का सामना करना पड़ा था.

जबकि नगर निगम में पिछले एक दशक से काबिज बीजेपी के खिलाफ एंटी इन्कमबेंसी का माहौल भी था. आम आदमी पार्टी नगर निगम में घपले-घोटालों और साफ-सफाई को लेकर बड़ा मुद्दा बनाए हुए थी. बावजूद इसके बीजेपी जीतने में कामयाब रही.

नतीजे भ्रामक हैंः AAP

विभिन्न टीवी चैनलों पर आए एग्जिट पोल को आम आदमी पार्टी ने भ्रामक करार दिया है. आप नेता संजय सिंह ने दावा किया कि उनकी पार्टी दिल्ली की सभी सात सीटें जीत रही है. उन्होंने कहा कि अनुमान हमेशा झूठे साबित होते हैं. पोल में पैसे लेकर सीटें घटाई या बढ़ाई जाती हैं. संजय सिंह ने कहा कि पंजाब में 2014 में जब 0 सीट दी जा रही थी , तब भी चौंकाने वाले नतीजे आए थे.हमारा वोट कम हुआ, मान लेता हूं, लेकिन क्या मुस्लिमों का वोट BJP को मिला? exit poll मिठाई बांटने और ढोल पीटने के लिए ठीक है.

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भरोसेमंद एग्जिट पोल

आजतक और एक्सिस माई इंडिया का एग्जिट पोल (Exit Poll) देश का सबसे भरोसेमंद एग्जिट पोल होता है. 35 में से 34 एग्जिट पोल सबसे सटीक रहे हैं यानी 95 फीसदी सही अनुमान का रिकॉर्ड है. रविवार को आए इस एग्जिट पोल को देश के सभी 542 सीटों पर 7 लाख से अधिक वोटर्स की प्रतिक्रियाओं के आधार पर तैयार किया गया है. इस बार 20 गुना बड़ा सैंपल साइज लिया गया था, जबकि 2014 के लोकसभा चुनाव में 36 हजार लोगों से बातचीत के आधार पर ही आंकड़े तैयार किए गए थे. दिल्ली की सभी 7 लोकसभा सीटों पर 12 मई को छठें चरण के तहत मतदान हुआ था.

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