सिख नरसंहार पर ओवैसी ने मोदी से पूछा- 'गुजरात दंगों पर क्या कहेंगे'

असदुद्दीन ओवैसी कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी के सलाहकार सैम पित्रोदा के सिख विरोधी दंगों से संबंधित बयान पर मोदी द्वारा उनकी निंदा किए जाने पर अपनी प्रतिक्रिया दे रहे थे.

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असदुद्दीन ओवैसी (फोटो: ट्विटर) असदुद्दीन ओवैसी (फोटो: ट्विटर)

पुनीत सैनी / aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 11 मई 2019,
  • अपडेटेड 9:04 PM IST

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 1984 में हुए सिख विरोधी दंगों को 'भयानक जनसंहार' बताने पर एआईएमआईएम अध्यक्ष असदुद्दीन ओवैसी ने शुक्रवार को प्रधानमंत्री को साल 2002 के गुजरात दंगों की याद दिलाई. हैदराबाद लोकसभा से सांसद ओवैसी ने मोदी से पूछा कि वह गुजरात दंगों पर क्या कहेंगे? ओवैसी ने ट्वीट किया, 'श्रीमान, तो मुख्यमंत्री के तौर पर आपके कार्यकाल के दौरान 2002 में हुई तबाही कहां है और आप लोगों को बचाने की अपनी संवैधानिक शपथ को बचाने में नाकाम रहे थे.'

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ओवैसी कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी के सलाहकार सैम पित्रोदा के सिख विरोधी दंगों से संबंधित बयान पर मोदी द्वारा उनकी निंदा किए जाने पर अपनी प्रतिक्रिया दे रहे थे. इस दौरान उन्होंने पित्रोदा के बयान की निंदा करने की जगह उल्टा प्रधानमंत्री मोदी से ही सवाल पूछ लिए.

मोदी सरकार पर हमला करते हुए कांग्रेस नेता सैम पित्रोदा ने कहा था कि आप तो लगातार झूठ बोलते ही रहते हैं, पहले हमारे पर झूठ बोला कल आप पर बोला. 1984 का मुद्दा क्या है, आप बात तो करिए. आपने पांच साल में क्या किया, ’84 में हुआ तो हुआ.. आपने क्या किया.

पित्रोदा के इस बयान पर सभी सियासत गरमा गई थी. पित्रोदा के बयान पर पीएम मोदी ने कहा कि 'कांग्रेस के बड़े नेता सैम पित्रोदा ने साफ कहा कि 1984 का दंगा हुआ तो हुआ. कांग्रेस के लिए जीवन का कोई मूल्य नहीं है. कांग्रेस के समय में हजारों लोगों का कत्लेआम हुआ है. दिल्ली में 2800 से ज्यादा लोगों की हत्या कर दी गई लेकिन कांग्रेस पर कोई फर्क ही नहीं पड़ता.'

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इसके बाद सैम पित्रोदा ने अपने बयान पर सफाई देते हुए कहा था कि मेरी हिंदी खराब है, मैं 'जो हुआ वो बुरा हुआ' कहना चाहता था. बुरा हुआ को मैं दिमाग में ट्रांसलेट नहीं कर पाया. मेरे बयान को तोड़-मरोड़ कर पेश किया गया.

सैम पित्रोदा ने कहा था कि बीजेपी सरकार ने क्या किया और क्या दिया, इस पर चर्चा करने के लिए हमारे पास अन्य मुद्दे हैं. मुझे खेद है कि मेरी टिप्पणी को गलत तरीके से प्रस्तुत किया गया, मैं माफी मांगता हूं. इस मामले को बढ़ा-चढ़ाकर दिखाया गया.

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