कर्नाटक में राज्‍यपाल गुजराती बिजनेस कर रहे, केंद्र भी इसमें शामिल: कुमारस्‍वामी

कुमारस्‍वामी ने कहा, 'हम इतनी आसानी से हार नहीं मानेंगे. येदियुरप्‍पा को बहुमत साबित करने के लिए 15 दिन का नहीं 3 दिन का समय मिलना चाहिए. हम सब जानते हैं क्‍या हो रहा है. इसमें कोई शक नहीं कि राज्‍यपाल डबल गेम खेल रहे हैं. वो यहां बिजनस कर रहे हैं.

Advertisement
एचडी कुमारस्वामी एचडी कुमारस्वामी

रणविजय सिंह

  • नई दिल्ली,
  • 16 मई 2018,
  • अपडेटेड 7:49 AM IST

कर्नाटक के राज्यपाल वजुभाई वाला ने राज्य में चल रही राजनीतिक उठापटक में बीजेपी को सरकार बनाने का न्‍योता दिया है. इसपर जेडीएस ते नेता एचडी कुमारस्‍वामी ने कहा है कि राज्‍यपाल सिस्‍टम सही करें, गुजराती बिजनेस न करें. वहीं, उन्‍होंने सवाल किया कि येदियुरप्‍पा ने कहा था कि मैं शपथ लेने के 24 घंटे के भीतर किसानों का कर्ज माफ कर दूंगा, क्‍या अब वह ऐसा करेंगे?

Advertisement

कुमारस्‍वामी ने कहा, 'हम इतनी आसानी से हार नहीं मानेंगे. येदियुरप्‍पा को बहुमत साबित करने के लिए 15 दिन का नहीं 3 दिन का समय मिलना चाहिए. हम सब जानते हैं क्‍या हो रहा है. इसमें कोई शक नहीं कि राज्‍यपाल डबल गेम खेल रहे हैं. वो यहां बिजनेस कर रहे हैं. कर्नाटक के लोग इसकी वजह से नुकसान उठाएंगे. कोई शक नहीं कि इसमें केंद्र सरकार का भी हाथ है.'  

कुमारस्‍वामी ने कहा, 'हम अपनी रणनीति तैयार कर रहे हैं. हम इसे कानूनी तौर पर लड़ेंगे. अगर हमारे पास बहुमत है तो येदियुरप्‍पा अकेले शपथ क्‍यों ले रहे हैं. हम जानते हैं कि अगर हम कोर्ट गए तो फैसला क्‍या होगा. आईटी के लोग हमारे लोगों को परेशान कर रहे हैं. हमारे फोन टेप करने की इजाजत किसने दी है. हम लोग आतंकवादी नहीं हैं.'  

Advertisement

बता दें, कर्नाटक में विधानसभा चुनाव के नतीजे मंगलवार को आ गए. इसके बाद से ही यहां राजनीतिक समीकरण तेजी से बदलते दिख रहे हैं. बुधवार की शाम राज्‍यपाल वजुभाई वाला ने बीजेपी को सरकार बनाने का न्‍योता भेज दिया. अब येदियुरप्‍पा गुरुवार सुबह 9 बजे CM पद की शपथ लेंगे. येदियुरप्‍पा को 15 दिन में बहुमत साबित करना होगा. हालांकि, शपथग्रहण समारोह में पीएम मोदी और अमित शाह मौजूद नहीं रहेंगे.

इससे पहले कांग्रेस और जेडीएस के नेताओं ने राज्यपाल वजुभाई वाला से मुलाकात की. जेडीएस और कांग्रेस ने राज्यपाल को 117 विधायकों के समर्थन का पत्र सौंपा है. इसमें 78 कांग्रेस, 37 जेडीएस, एक बसपा और एक निर्दलीय विधायक के हस्ताक्षर हैं. आपको बता दें कि कर्नाटक में 222 सीटों पर मतदान हुआ था, इस हिसाब से बहुमत के लिए 112 विधायकों का समर्थन ही चाहिए. जबकि बीजेपी के पास सिर्फ 104 विधायक हैं. 

Read more!
Advertisement

RECOMMENDED

Advertisement