झारखंड में विपक्षी गठजोड़ को झटका, बाबूलाल मरांडी ने अकेले चुनाव लड़ने का किया ऐलान

मरांडी ने कहा कि अगर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और झारखंड के मुख्यमंत्री रघुवर दास की इतनी ही लोकप्रियता है तो अपनी ही पार्टी के किसी कार्यकर्ता को टिकट देकर चुनाव जिताते, दूसरी पार्टी के विधायकों को तोड़ने की क्या जरूरत थी.

JVM नेता बाबूलाल मरांडी
aajtak.in
  • रांची,
  • 04 नवंबर 2019,
  • अपडेटेड 11:31 AM IST

  • बाबूलाल मरांडी का बीजेपी पर निशाना
  • मरांडी ने कहा- चुनाव से पहले डरी बीजेपी
  • महागठबंधन में नहीं होंगे शामिल- मरांडी

झारखंड में विधानसभा चुनाव का ऐलान होने के बाद झारखंड विकास मोर्चा ने भारतीय जनता पार्टी को निशाने पर लिया है. झारखंड विकास मोर्चा (JVM) के प्रमुख बाबूलाल मरांडी ने कहा है कि चुनाव के पहले ही बीजेपी डरी और सहमी हुई है.

इसके साथ ही बाबूलाल मरांडी ने ये भी कहा है कि उनकी पार्टी विपक्षी दलों के महागठबंधन में शमिल नहीं होगी और अकेले चुनाव लड़ेगी. हालांकि, चुनाव बाद के गठबंधन के सवाल पर उन्होंने कोई जवाब नहीं दिया.

न्यूज एजेंसी आईएएनएस के मुताबिक, बाबूलाल मरांडी ने कहा कि लोकसभा चुनाव के दौरान मैंने प्रयास किया कि गठबंधन बना रहे, लेकिन सभी पार्टियों की सीटों को लेकर अपनी-अपनी समस्याएं हैं. उन्होंने कहा कि यह छोटा राज्य है, कम सीटें हैं और दावेदार अधिक हैं. ऐसे में गठबंधन संभव होता नहीं दिख रहा था. इसके बाद हमने 'एकला चलो रे' की राह को अपनाते हुए अकेले ही लड़ने का फैसला किया.

बीजेपी को निशाने पर लिया

कभी बीजेपी के वरिष्ठ नेता रहे मरांडी ने कहा, 'अगर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और झारखंड के मुख्यमंत्री रघुवर दास की इतनी ही लोकप्रियता है तो अपनी ही पार्टी के किसी कार्यकर्ता को टिकट देकर चुनाव जिताते, दूसरी पार्टी के विधायकों को तोड़ने की क्या जरूरत थी.' उन्होंने कहा कि बीजेपी जितने भी विधायकों को अपने पाले में लाई है, उन्होंने विधानसभा से इस्तीफा तक नहीं दिया है, जो कानून के खिलाफ है.

मरांडी ने कहा कि बीजेपी अबकी बार 65 पार की बात कर रही है, लेकिन इस बार वह डरी और सहमी हुई है. इसीलिए अन्य दलों के विधायकों को पार्टी में लाकर टिकट देने जा रही है.

झामुमो पर भी कटाक्ष

बाबूलाल मरांडी ने झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) पर कटाक्ष करते हुए इशारों ही इशारों में कहा, 'कई लोगों के पुरखों की पार्टी है, विरासत में उन्हें सीटें मिली हैं, परंतु हमारी पार्टी नई है. हम दिहाड़ी मजदूर हैं. संघर्ष कर सीट जीतेंगे.'

जेडीयू के साथ जाने से भी इनकार

झारखंड में जेडीयू के साथ मिलकर तीसरा मोर्चा बनने की संभावना को नकारते हुए मरांडी ने कहा कि जनता दल (युनाइटेड) बिहार में भाजपा के साथ मिलकर सरकार चला रही है और यहां बीजेपी के विरोध में चुनाव लड़ेगी तो हमलोग जनता को इसका क्या जवाब देंगे. उन्होंने स्पष्ट किया कि झाविमो अकेले चुनाव में उतर रहा है और मजबूती से उतर रहा है.

पांच चरणों में चुनाव

झारखंड की 81 विधानसभा सीटों के लिए 5 चरणों में चुनाव होंगे. पहले चरण का मतदान 30 नवंबर, दूसरे चरण का 7 दिसंबर, तीसरे चरण का 12 दिसंबर, चौथे चरण का 16 दिसंबर और पांचवें चरण का मतदान 20 दिसंबर को होगा. जबकि नतीजे 23 दिसंबर को घोषित किए जाएंगे.

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