गुजरात की व्यारा विधानसभा सीट से कांग्रेस के गामीत पुनाभाई ढेडाभाई जीते. उन्हें चुनाव में 88576 वोट मिले. उन्होंने बीजेपी के चौधरी अरविंदभाई रूमसीभाई को 24414 वोटों के बड़े अंतर से हराया. जनता ने बीजेपी उम्मीदवार को 64162 वोट दिए.
इस सीट पर पहले फेज में यानी 9 दिसंबर को वोटिंग हुई थी. व्यारा सीट गुजरात राज्य के दक्षिणी भाग के जिले सूरत का हिस्सा है. ये सीट अनुसूचित जनजाति के लिए आरक्षित है.
| गुजरात - व्यारा | ||
| परिणाम घोषित | ||
| अभ्यर्थी | दल का नाम | मत |
| गामीत पुनाभाई ढेडाभाई | इंडियन नेशनल कांग्रेस | 88576 |
| चौधरी अरविंदभाई रूमसीभाई | भारतीय जनता पार्टी | 64162 |
| शंकरभाई बाबुभाई ढोड़ीया | निर्दलीय | 1473 |
| गामीत कौशिकभाई विरेन्द्रभाई | सरदार वल्लभभाई पटेल पार्टी | 999 |
| गामीत बिपीनभाई गोविंदभाई | निर्दलीय | 594 |
| गामीत संदिपभाई मोहनभाई | ऑल इण्डिया हिन्दुस्तान कॉग्रेस पार्टी | 521 |
| चौधरी रमेशभाई चंदुभाई | जनता दल (यूनाइटेड) | 411 |
| किशनभाई नटुभाई गामीत | निर्दलीय | 382 |
| इनमें से कोई नहीं | इनमें से कोई नहीं | 3836 |
व्यारा सीट पर पिछले चुनाव में पूणभाई धेदाभाई गमित ने जीत हासिल की थी. उन्होंने अपने निकटतम प्रतिद्वंद्वी बीजेपी के उम्मीदवार प्रतापभाई बाबूभाई गमित को करीब 14 हजार वोटों के अंतर से हराया. प्रतापभाई लगातार चार चुनावों से यहां से हारते रहे हैं और बीजेपी ने इस बार उनकी जगह अरविंद भाई को मौका दिया है.
दूसरी ओर पूणभाई 2004 में हुए उपचुनाव में यहां से जीतकर विधायक बने थे और इसके बाद पहले 2007 और फिर 2012 में विधायक चुने गए. व्यारा सीट को कांग्रेस का गढ़ कहा जाता है क्योंकि पिछले पांच चुनावों में यहां से कांग्रेस के ही उम्मीदवार जीत हासिल करते रहे हैं. यानी नरेंद्र मोदी का विकास मॉडल कम से कम इस सीट के मतदाताओं को लुभाने में तो नाकाम रहा है.
प्रज्ञा बाजपेयी