गुजरात: कांग्रेस ने अभी तक नहीं जारी की उम्मीदवारों की लिस्ट, अल्पेश ने 'लीक' किया एक नाम

ठाकोर नेता की यह बात इशारा करती है कि वाव विधानसभा सीट से कांग्रेस प्रत्याशी के तौर पर जेनी बेन ठाकोर को मौका दे सकती है. गौरतलब है कि ठाकोर ने जनसभा में यह बात कही तो उस वक्त पर कांग्रेस का शीर्ष नेतृत्व भी मौजूद था.

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अल्पेश ठाकोर के सोशल मीडिया अकाउंट से साभार तस्वीर अल्पेश ठाकोर के सोशल मीडिया अकाउंट से साभार तस्वीर

कौशलेन्द्र बिक्रम सिंह

  • अहमदाबाद,
  • 12 नवंबर 2017,
  • अपडेटेड 10:27 AM IST

गुजरात चुनावों से ठीक पहले कांग्रेस ज्वाइन करने वाले ठाकोर सेना के नेता अल्पेश ठाकोर ने शनिवार को बातों ही बातों में एक विधानसभा सीट से कांग्रेस के पत्ते खोल दिए. अपने भाषण में उन्होंने उस विधानसभा सीट से भावी कांग्रेसी उम्मीदवार के नाम का खुलासा ही कर दिया. अल्पेश ठाकोर भावावेश में यहां तक बोल गए कि जेनी बेन ठाकोर गुजरात की रुपाणी सरकार में मंत्री शंकर चौधरी को हरा देंगे. गौरतलब है कि बनासकांठा जिले की वाव विधानसभा सीट से बीजेपी चौधरी को उतार सकती है.

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एक चुनावी जनसभा को संबोधित करते हुए अल्पेश ठाकोर ने कहा, "कल यहां (उत्तरी गुजरात) के एक मंत्री शंकर चौधरी मुझे चुनौती दी थी कि मैं वाव विधानसभा से चुनाव लड़ूं. मैं चौधरी को बताना चाहता हूं कि एक सेनापति कभी युद्ध नहीं लड़ता लेकिन ये हमारी सेना है जो उनके लिए काफी है. हमारे उम्मीदवार जेनी बेन ठाकोर वाव से चौधरी को हराने में सक्षम हैं." आपको बता दें कि पिछले विधानसभा चुनावों में जेनी बेन वाव विधानसभा सीट से कांग्रेस के प्रत्याशी थे और शंकर चौधरी से हार गए थे.

ठाकोर नेता की यह बात इशारा करती है कि वाव विधानसभा सीट से कांग्रेस प्रत्याशी के तौर पर जेनी बेन ठाकोर को मौका दे सकती है. गौरतलब है कि ठाकोर ने जनसभा में यह बात कही तो उस वक्त पर कांग्रेस का शीर्ष नेतृत्व भी मौजूद था. उस वक्त मंच पर कांग्रेस के उपाध्यक्ष राहुल गांधी, गुजरात के पार्टी प्रभारी अशोक गहलोत और गुजरात कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष भारतसिंह सोलंकी भी मौजूद थे. जैसे ही अल्पेश के मुंह से जेनी बेन का नाम निकला राहुल और गहलोत आपस में चर्चा करते नजर आने लगे क्योंकि कांग्रेस ने अभी तक उम्मीदवारों के नामों की घोषणा नहीं की है.

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अल्पेश की बात का बचाव करते हुए एक वरिष्ठ कांग्रेसी नेता ने टाइम्स ऑफ इंडिया से कहा, "अल्पेश को वरिष्ठ नेताओं से उस विधानसभा सीट के लिए आश्वासन मिला होगा. लेकिन उन्हें किसी व्यक्ति का नाम नहीं लेना चाहिए था क्योंकि टिकट बंटवारे का फैसला पार्टी के पार्लियामेंट्री बोर्ड का होता है."

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