राजधानी दिल्ली में विधानसभा चुनाव का ऐलान होते ही राजनीतिक दलों में आर-पार की लड़ाई शुरू हो गई है. बुधवार को राज्य के उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने शिक्षा के मसले पर प्रेस कॉन्फ्रेंस की और भारतीय जनता पार्टी पर जमकर निशाना साधा. उन्होंने बीजेपी को चुनौती दी है कि वह उनसे बेहतर शिक्षा का मॉडल पेश करें. सिसोदिया ने दावा कि AAP सरकार के कार्यकाल में दिल्ली के सरकारी स्कूलों में बड़ा बदलाव हुआ है.
दिल्ली के डिप्टी सीएम ने कहा कि एक तरफ केजरीवाल सरकार का शिक्षा मॉडल है और दूसरी ओर BJP की एमसीडी का मॉडल. वह भाजपा को शिक्षा के मसले पर चुनौती देते हैं कि वो बेहतर मॉडल पेश करें. आपको बता दें कि दिल्ली में आठ फरवरी को मतदान होना है, जबकि 11 फरवरी को नतीजे सामने आएंगे.
अपनी सरकार का रिकॉर्ड कार्ड पेश करते हुए मनीष सिसोदिया ने कहा कि हमने सरकार में आने के बाद क्लास रूम को बेहतर बनाया है, पहले सिर्फ एक क्लास में ही 174 से अधिक बच्चे बैठा करते थे. उन्होंने कहा कि हमारी सरकार ने पांच साल में 20 हजार से अधिक क्लास रूम तैयार किए हैं. 25 नई बिल्डिंग तैयार की जा चुकी हैं, बल्कि 30 का निर्माण हो रहा है. ग्रीन बोर्ड से लेकर साढ़े सात लाख डेस्क खरीदी गई हैं.
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आंकड़ों के जरिए बीजेपी पर हमला
विपक्ष के शिक्षा मॉडल पर तंज कसते हुए मनीष सिसोदिया बोले कि एक तरफ दिल्ली में लोगों की दिलचस्पी सरकारी स्कूल में बढ़ रही है, तो वहीं बीजेपी शासित राज्यों में हाल बेहाल है. उन्होंने इस दौरान एक आंकड़ा पेश किया जिसमें उन्होंने बताया कि किस तरह बीजेपी या कांग्रेस शासित प्रदेशों में सरकारी स्कूल बंद किए जा रहे हैं.
मनीष सिसोदिया के द्वारा पेश किए गए आंकड़े के अनुसार...
- हरियाणा: 2015 से 2018 में 208 सरकारी स्कूल बंद हुए
- राजस्थान: 2015 से 2018 में 4000 स्कूल बंद किये गए
- पंजाब: 3 साल में 217 स्कूल बंद कर दिए गए
- उत्तर प्रदेश: 1 लाख 13 हजार 500 में से 40% में बिजली कनेक्शन नहीं है
- दिल्ली MCD: 9 साल में 109 प्राइमरी स्कूल बंद कर दिए
- MCD स्कूल में 2015 से 2018 तक 1 लाख 30 साल बच्चे कम हुए, जबकि दिल्ली सरकार के स्कूलों में बच्चों की संख्या बढ़ी है.
पंकज जैन