Goriyakothi Election Result 2020: BJP के देवेशकान्त सिंह जीते, 11891 वोटों से हारी RJD की नुतन देवी

Goriyakothi Election Results, Goriyakothi Vidhan Sabha seat Counting 2020: बिहार की गोरेयाकोठी विधानसभा सीट पर बीजेपी के देवेशकांत सिंह ने शानदार जीत हासिल की है.

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Goriyakothi Election Results 2020 Goriyakothi Election Results 2020

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 10 नवंबर 2020,
  • अपडेटेड 8:21 AM IST

बिहार की गोरेयाकोठी विधानसभा सीट पर भारतीय जनता पार्टी के देवेश कांत सिंह ने 11891 वोटों के भारी अंतर से जीत दर्ज की है. उन्होंने आरजेडी की नुतन देवी को मात दी. गोरेयाकोठी विधानसभा सीट पर इस बार 3 नवंबर को वोट डाले गए, यहां कुल 57.61% मतदान हुआ. गोरियाकोठी विधानसभा क्षेत्र बिहार के सीवान जिले में स्थित है और महराजगंज लोकसभा क्षेत्र के अंतर्गत आता है.

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इस बार के मुख्य उम्मीदवार

  • बीजेपी - देवेश कांत सिंह
  • आरजेडी - नुतन देवी
  • आरएलएसपी - सत्यदेव प्रसाद सिंह
गोरेयाकोठी विधानसभा के नतीजे

इस सीट से 2015 में आरजेडी नेता सत्यदेव प्रसाद सिंह चुनाव लड़े और विधायक बने. सत्यदेव सिंह पहले बीजेपी के नेता हुआ करते थे लेकिन बाद में वो आरजेडी के साथ हो गए और पिछले चुनाव में उन्होंने बीजेपी उम्मीदवार देवेश कांत सिंह को 7 हजार से ज्यादा वोटों के अंतर मात दी थी. हालांकि, इस बार आरजेडी ने उन्हें टिकट देने के बजाय नुतन देवी को मैदान में उतारा था.

राजनीतिक पृष्ठभूमि
इस सीट के इतिहास पर नजर डालने पर पता चलता है कि यहां के वोटर पार्टी देखकर नहीं बल्कि उम्मीदवार के नाम पर वोट डालते रहे हैं. फिर चाहे वो उम्मीदवार पार्टी बदल ही क्यों न ले. जैसे 1977 में जनता पार्टी के नेता रहे इंद्रदेव प्रसाद ने बाद में बीजेपी, जनता दल और आरजेडी में रहे. लेकिन लोगों के लिए उनके प्रति प्यार कम नहीं हुआ. वो बीजेपी, जनता दल और आरजेडी में रहते हुए चुनाव जीते. 

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हालांकि, इस सीट पर अभी तक कांग्रेस को सिर्फ 4 बार ही जीत हासिल हो सकी है. कांग्रेस के उम्मीदवारों को 1980  के बाद से जीत नहीं मिल सकी है. इसके अलावा बीजेपी और आरजेडी को 3-3 बार और जनता दल के उम्मीदवार 2 बार इस सीट से जीते हैं.

2010 में बीजेपी से जीत हासिल करने वाले भुमेंद्र नारायण सिंह को 2015 में बीजेपी से टिकट नहीं मिला. उनकी जगह देवेश कांत सिंह को टिकट मिला और वो आरजेडी के उम्मीदवार सत्यदेव सिंह से 7 हजार से ज्यादा वोटों से हार गए. 

हलांकि, 2015 के चुनावों में महज 4 फीसदी कम वोट पाने वाली बीजेपी को इस बार जेडीयू का साथ है. बता दें कि 2015 में जेडीयू और आरजेडी एक साथ लड़े थे. 

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सामाजिक ताना-बाना
गोरेयाकोठी में यादव और मुसलमान वोटर टर्निंग प्वाइंट साबित होते रहे हैं. अब तक के पैटर्न में ये वोट बैंक एकमुश्त राजद के खाते में जाते रहे हैं. महराजगंज लोकसभा क्षेत्र के तहत आने वाले गोरियाकोठी विधानसभा क्षेत्र की आबादी करीब 457837 है और ये पूरी तरह से ग्रामिण आबादी है. यहां 10.84 फीसदी लोग अनुसूचित जाति (एससी) वर्ग के हैं और 1.3 फीसदी लोग अनुसूचित जनजाति (एसटी) वर्ग से आते हैं. 

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2015 का जनादेश
साल 2015 के विधानसभा चुनाव में गोरेयाकोठी से राजद के उम्मीदवार सत्यदेव प्रसाद सिंह को जीत मिली थी. इस सीट पर सत्यदेव प्रसाद को 70 हजार से ज्यादा वोट मिले. वहीं, दूसरे स्थान पर बीजेपी के देवेशकांत सिंह थे. देवेशकांत सिंह को करीब 63 हजार वोट मिले थे. इसके अलावा तीसरे स्थान पर निर्दलीय उम्मीदवार त्रिभुवन राम और चौथे स्थान पर रेणू यादव थीं.

2019 के लोकसभा चुनावों में इस सीट पर 55.81 फीसदी वोटिंग हुई थी. वहीं, 2015 के विधानसभा चुनावों में यहां का वोटिंग परसेंटेज 55.44 फीसदी रहा था. वोटिंग परसेंटेज की बात करें तो 2015 के विधानसभा चुनाव में इस सीट पर आरजेडी को 42.75 फीसदी वोट मिले थे. वहीं, दूसरे नंबर पर रही बीजेपी को 38.14 फीसदी वोट प्राप्त हुए थे.

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