बिहार विधानसभा की सभी 243 सीटों पर मतगणना देर रात खत्म हुई. बलरामपुर सीट से CPI (ML) के महबूब आलम ने रोमांचक मुकाबले में बाजी मारी. उन्होंने VIP के वरुण कुमार झा को शिकस्त दी. यहां तीसरे चरण के तहत 7 नवंबर को 60.96% वोटिंग हुई थी. बलरामपुर से 14 उम्मीदवार मैदान में थे.
कटिहार जिले की बलरामपुर विधानसभा सीट की बात की जाए तो यहां इससे पहले दो बार चुनाव हुए थे. 2010 में यहां पहली बार चुनाव हुआ था, जिसमें निर्दलीय उम्मीदवार दुलाल चंद्र गोस्वामी की जीत हुई थी. 2015 के चुनाव में CPI-ML के महबूब आलम ने बीजेपी के वरुण कुमार झा को 20,419 वोटों से पटखनी दी थी.
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इस सीट पर मुस्लिम निर्णायक भूमिका में हैं और यादव की संख्या भी अच्छी है. महानंदा नदी से घिरे इस क्षेत्र का कुछ हिस्सा पश्चिम बंगाल क्षेत्र में भी पड़ता है. इस कारण दोनों प्रदेशों की संस्कृति यहां पर मिली-जुली हुई है.
जिले में जीविका का प्रमुख स्रोत कृषि और कुछ उद्योग हैं. यहां उद्योग मुख्य रूप से कृषि आधारित है. कटिहार जिले के किसानों की मुख्य नकदी फसल केला, जूट, मक्का हैं. समूह में शामिल होने के लिए कृषि आधारित उद्योग में से एक मखाना है. मुख्य फसलें धान, जूट, केले, गेहूं, मक्का और दलहन हैं.
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