दिल्ली के दंगल में कूदेंगे राहुल गांधी, कल लोगों के बीच लगाएंगे 'न्याय चौपाल'

राहुल गांधी लगातार कार्यकर्ताओं से संपर्क करने का अलग तरीका निकलते हैं. बुधवार को होने वाले कार्यक्रम में राहुल अलग-अलग ग्रुपों के साथ संवाद करेंगे और उनकी समस्याओं के बारे में जानेंगे. महिलाओं, दलितों, झुग्गी वासियों, अनधिकृत कालोनियों, ऑटो वालों समेत कई सारे वर्गों से जुड़े हुए लोग और कार्यकर्ताओं का अलग-अलग समूह बनाया जाएगा.

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कांग्रेस सांसद राहुल गांधी दिल्ली चुनाव को लेकर लोगों से मिलेंगे (फाइल फोटो) कांग्रेस सांसद राहुल गांधी दिल्ली चुनाव को लेकर लोगों से मिलेंगे (फाइल फोटो)

कुमार कुणाल

  • नई दिल्ली,
  • 10 दिसंबर 2024,
  • अपडेटेड 5:36 PM IST

दिल्ली विधानसभा चुनाव में लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी की एंट्री बुधवार को होगी. दिल्ली के इंदिरा गांधी स्टेडियम में बुधवार दोपहर राहुल "न्याय चौपाल" लगाएंगे. हाल ही में कांग्रेस ने लगभग एक महीने लंबी दिल्ली न्याय यात्रा पूरी की है, जिसमें प्रदेश अध्यक्ष देवेंद्र यादव ने सभी 70 विधानसभाओं में पैदल यात्रा निकाली और कार्यकर्ताओं के बीच में ही रहे.

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दरअसल, राहुल गांधी लगातार कार्यकर्ताओं से संपर्क करने का अलग तरीका निकलते हैं. बुधवार को होने वाले कार्यक्रम में राहुल अलग-अलग ग्रुपों के साथ संवाद करेंगे और उनकी समस्याओं के बारे में जानेंगे. महिलाओं, दलितों, झुग्गी वासियों, अनधिकृत कालोनियों, ऑटो वालों समेत कई सारे वर्गों से जुड़े हुए लोग और कार्यकर्ताओं का अलग-अलग समूह बनाया जाएगा. स्टेडियम में बीचोबीच रैंप बनाया गया है जिसपर राहुल चलते हुए इन सबसे बात करेंगे. बातचीत से ही आने वाले चुनावों के मुद्दों और उनसे जुड़े वायदों की रूपरेखा तैयार की जाएगी.

दिल्ली में कांग्रेस की वापसी पर होगा फोकस

2013 के बाद दिल्ली में कांग्रेस की हालत लगातार बिगड़ती जा रही है. 2013 में शीला दीक्षित सरकार की ना सिर्फ विदाई हुई बल्कि पार्टी बहुमत से सीधे महज 8 सीटों पर सिमट गई. 2015 और 2020 में तो विधानसभा में कांग्रेस का एक भी विधायक नहीं गया. पिछली बार वोट प्रतिशत भी 5 से नीचे खिसक आया और लगभग सारा फायदा आम आदमी पार्टी को मिला. ऐसी स्थिति में 2024 का लोकसभा चुनाव आम आदमी पार्टी के साथ गठबंधन कर के लड़ा तो जरूर लेकिन वहां भी ना तो कांग्रेस को एक भी सीट मिल पाई और ना ही आम आदमी पार्टी को. लोकसभा चावन की ठीक बाद गठबंधन टूट गया. और अब अपने दम पर कांग्रेस को फिर से दिल्ली में वापसी की चुनौती है. ऐसे में राहुल की चुनावी दंगल में एंट्री काफी अहम है क्योंकि कांग्रेस इन विधानसभा चुनाव में रेलीवेंस की लड़ाई लड़ती दिखाई पड़ रही है.

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आम आदमी पार्टी और बीजेपी की बड़ी चुनौतियां 

कांग्रेस को इस समय ये भी तय करना है कि दिल्ली में इसका मुख्य दुश्मन आम आदमी पार्टी है या फिर भाजपा. दिल्ली में कांग्रेस की बुरी हालत के लिए जिम्मेदार आम आदमी पार्टी का आगे बढ़ना है जिसने कांग्रेस के पूरे वोट बैंक को अपने पास खींच लिया. लेकिन इस वक्त कांग्रेस की अपनी नैया इंडिया गठबंधन की मझधार में फंसी हुई दिखाई पड़ती है. ममता बनर्जी को गठबंधन की कमान देने के लिए कई सारे सहयोगी दल लगातार दबाव बना रहे हैं. इस बीच अगर कांग्रेस केजरीवाल के साथ भी दो-दो हाथ करने को लेकर आगे आती है तो कई सवाल और खड़े होंगे. 

आम आदमी पार्टी की सरकार दिल्ली में पिछले 10 सालों से लगातार चल रही है और ऐसे में बिना अरविंद केजरीवाल के खिलाफ आक्रामक तेवर अपनाए कांग्रेस की जगह दिल्ली की सियासत में बनती हुई भी दिखाई नहीं दे रही है. वहीं दूसरी तरफ बीजेपी है जो अरविंद केजरीवाल के विकल्प के तौर पर अभी लोगों के बीच पहली प्राथमिकता बनी हुई है ऐसे में आम आदमी पार्टी और भाजपा दोनों को पीछे छोड़ना राहुल गांधी और कांग्रेस दोनों के लिए काफी बड़ी चुनौती बनने वाली है.

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