पश्चिम बंगाल में इस साल विधानसभा चुनाव होने हैं. चुनावी साल की शुरुआत के साथ ही विपक्षी भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) चुनावी मोड में आ गई है. बीजेपी ने विधानसभा चुनाव के लिए इस बार खास रणनीति बनाई है. बीजेपी इस बार सूबे की सभी 294 विधानसभा सीटों के लिए अलग-अलग चार्जशीट जारी करने का ऐलान कर दिया है.
बीजेपी विधानसभावार चार्जशीट जारी करने के अभियान की शुरुआत भी कर चुकी है. पार्टी प्रदेश के आठ विधानसभा क्षेत्रों में चार्जशीट जारी कर चुकी है. बीजेपी की चार्जशीट में ममता सरकार की कथित विफलताओं के साथ ही स्थानीय समस्याएं भी गिनाई गई हैं. इनमें बीजेपी ने सिविक इंफ्रास्ट्रक्चर के साथ ही कानून-व्यवस्था जैसे मुद्दे भी शामिल हैं.
बीजेपी की चार्जशीट में महिलाओं के खिलाफ अपराध की घटनाओं के साथ ही भ्रष्टाचार पर भी फोकस है. आठ विधानसभा सीटों के लिए जारी चार्जशीट में बीजेपी ने बेरोजगारी और बुनियादी सेवाओं तक पहुंच जैसे क्षेत्र विशेष के मुद्दों को भी शामिल किया है. बीजेपी ने ममता बनर्जी की अगुवाई वाली सरकार पर सामान्य नागरिक सुविधाओं की उपेक्षा का आरोप लगाया है.
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बीजेपी ने हावड़ा-शिवपुर बेल्ट में नागरिक बंगलार बाड़ी, पीएम आवास योजना, स्वच्छ भारत मिशन जैसी योजनाओं के भ्रष्टाचार और कुप्रबंधन की वजह से विफल हो जाने के आरोप लगाए हैं. चार्जशीट में जलजमाव, बिजली कटौती, पीने के दूषित पानी की आपूर्ति का आरोप भी बीजेपी ने लगाया है.
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बीजेपी की चार्जशीट में दासनगर और आसपास के औद्योगिक क्षेत्रओं में उगाही के साथ ही सिंडिकेट राज और राजनीतिक हस्तक्षेप के कारण फैक्ट्रियां बंद होने से बेरोजगारी का आरोप लगाया गया है. अस्पतालों में डॉक्टर, दवा और जांच की कमी के साथ ही पुलिस की निष्क्रियता और प्रशासनिक जवाबदेही की कमी के आरोप भी बीजेपी ने चार्जशीट में लगाए हैं.
पीयूष मिश्रा