असम, केरल और केंद्र शासित प्रदेश पुडुचेरी में होने वाले विधानसभा चुनावों के लिए प्रचार अभियान थम चुका है. असम की 126 सीटों, केरलम की 140 सीटों और पुडुचेरी की 30 सीटों के लिए गुरुवार, 8 अप्रैल को एक ही चरण में वोट डाले जाएंगे. जबकि तमिलनाडु की सभी 234 विधानसभा सीटों और पश्चिम बंगाल के पहले चरण की 152 सीटों पर 23 अप्रैल को वोटिंग होगी. वहीं, पश्चिम बंगाल के दूसरे चरण का मतदान 29 अप्रैल को 142 सीटों पर कराया जाएगा. चारों राज्यों और केंद्र शासित प्रदेश के विधानसभा चुनाव 2026 के नतीजे 4 मई को घोषित किए जाएंगे. आइए जानते हैं विधानसभा चुनाव 2026 से जुड़े अपडेट्स.
भारतीय जनता पार्टी ने चुनाव आयोग को चिट्ठी लिखकर पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है. बीजेपी ने कहा है कि ममता बनर्जी ने सीआरपीएफ जवानों पर जो टिप्पणी की है, वह गलत है. पार्टी ने चुनाव आयोग से ममता बनर्जी पर एफआईआर दर्ज करने और उन्हें चुनाव प्रचार पर पूरी तरह रोक लगाने की मांग की है. भाजपा का आरोप है कि ममता बनर्जी और उनकी पार्टी तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) ने आचार संहिता (MCC) का उल्लंघन किया है. पार्टी ने कहा कि ऐसी टिप्पणियों से चुनावी माहौल खराब हो सकता है और हिंसा फैलने का खतरा बढ़ सकता है.भाजपा ने चुनाव आयोग से अपील की है कि वह जल्दी से जल्दी इस मामले में कार्रवाई करे ताकि निष्पक्ष चुनाव सुनिश्चित हो सके. हालांकि, अभी तक ममता बनर्जी या टीएमसी की तरफ से इस शिकायत पर कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है.
केरल विधानसभा की 140 सीटों पर 8 अप्रैल को वोट डाले जाएंगे. किस्मत आजमाने के लिए 890 उम्मीदवार चुनाव मैदान में हैं. सरकार बनाने के लिए 71 सीटों का बहुमत जरूरी है. राज्य में कुल 2.71 करोड़ मतदाता हैं.
पुडुचेरी विधानसभा में 30 सीटे हैं, जिन पर 8 अप्रैल को वोट डाले जाएंगे. 5 सीटें अनुसूचित जाति के लिए आरक्षित हैं.सरकार बनाने के लिए 16 सीटों का बहुमत जरूरी है. पुडुचेरी में कुल 9.44 लाख मतदाता हैं.
असम की 126 विधानसभा सीटों के लिए 8 अप्रैल को मतदान होगा. राज्य में 722 उम्मीदवार मैदान में हैं. यहां बहुमत का आंकड़ा 64 है. असम में कुल 2.4 करोड़ मतदाता हैं. असम चुनाव में 5.75 लाख युवा पहली बार अपने मताधिकार का प्रयोग करेंगे. बता दें कि राज्य की 15वीं विधानसभा का कार्यकाल 20 मई 2026 को खत्म हो रहा है.
चुनाव आयोग ने आधिकारिक X अकाउंट के जरिए साफ कहा कि इस बार पश्चिम बंगाल में होने वाले चुनाव पूरी तरह से निष्पक्ष और शांतिपूर्ण होंगे. आयोग का कहना है कि चुनाव में किसी भी तरह की हिंसा, धमकी, पैसे बांटने या बूथ पर कब्जा करने की कोशिश बर्दाश्त नहीं की जाएगी. चुनाव पूरी तरह स्वतंत्र, निष्पक्ष और भयमुक्त होंगे. ECI का ये संदेश ऐसे समय में आया है जब पश्चिम बंगाल में आगामी विधानसभा चुनाव की तैयारियां चल रही हैं. चुनाव आयोग ने सभी राजनीतिक दलों से अपील की है कि वे कानून का पालन करें और शांतिपूर्ण चुनाव में सहयोग दें.
मतदान दलों ने ईवीएम और मतदान सामग्री लेकर जोरहाट, तिताबोर और मरियानी विधानसभा क्षेत्रों के लिए रवाना होना शुरू कर दिया है. जोरहाट की जिला आयुक्त जय शिवानी ने बताया, “जोरहाट जिले में कुल 3 विधानसभा क्षेत्र हैं. इनमें कुल 886 मतदान केंद्र बनाए गए हैं.
असम के चुनावी दंगल में 'ज़ुबानी जंग' या 'मर्यादा का चीरहरण'?
पश्चिम बंगाल में 3 बार से ममता बनर्जी ही मुख्यमंत्री हैं. 14 साल से CM ममता के सामने भारतीय जनता पार्टी से मुख्य चुनौती है. 2026 के चुनाव में टीएमसी जीती तो ममता बनर्जी लगातार चौथी बार मुख्यमंत्री बनेंगी.
पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी आज, 8 अप्रैल को भवानीपुर सीट से अपना नामांकन पत्र दाखिल करेंगी. तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) ने इसे खास मौका बनाया है. पार्टी इसे 'बहुलवाद और एकता' का संदेश देने का अवसर मान रही है.
विधानसभा चुनाव 2026 के तहत पश्चिम बंगाल में दो फेज में वोटिंग होगी. जिसमें 23 और 29 अप्रैल को वोट डाले जाएंगे.
पश्चिम बंगाल में 23 और 29 अप्रैल को वोटिंग होगी.जबकि तमिलनाडु में 23 अप्रैल, असम-केरल-पुडुचेरी में 9 अप्रैल को वोट डाले जाएंगे. इन पांचों राज्यों में होने वाले चुनाव के नतीजे 4 मई को घोषित किए जाएंगे.