अगर आप सफल होना चाहते हैं तो दुनिया की कोई भी ताकत आपको नहीं रोक सकती. हम बात कर रहे हैं अनिरुद्ध कुमार के बारे में. जो अपनी मेहनत और लगन से इस साल सिविल सेवा परीक्षा में हिंदी माध्यम से टॉपर बन गए. आपको बता दें, वह चौथे अटैम्ट में हिंदी के टॉपर बने. उन्होंने 146वां रैंक हासिल किया है.
अनिरुद्ध बिहार में जहानाबाद के रहने वाले हैं. उन्होंने कानपुर के हरकोर्ट बटलर टेक्निकल यूनिवर्सिटी से कंप्यूटर साइंस की पढ़ाई की है.
इससे पहले भी इंटरव्यू के स्टेज तक पहुंच चुके थे पर अंतिम लिस्ट में उनका नाम नहीं आया. फिर असफलताओं से निराश होकर अनिरुद्ध ने खुद को राज्य सेवा आयोग की तरफ मोड़ लिया जहां उन्हें सफलता भी मिली. फिलहाल वो उत्तर प्रदेश में असिस्टेंट सेल्स टैक्स कमिश्नर हैं.
अनुरुद्ध की पत्नी हैं IPS
ये कहना सही होगा अनुरुद्ध की सफलता की पीछे उनकी पत्नी का भी हाथ है. उन्होंने बताया कि उनकी पत्नी IPS है. और लगातार उन्हें सपोर्ट करती रहती है. वहीं एक टीवी चैनल से बातचीत करते हुए अनिरुद्ध ने कहा कि ''हिंदी मीडियम की वजह से थोड़ी परेशानी जरूर आई. क्योंकि हिंदी में कंटेंट सही से नहीं मिलता था. पर उन्होंने बताया कि कुछ ऐसे इंस्टिट्यूट्स भी हैं जो हिंदी के नोट्स भी देते हैं.
ऐसे हासिल की सफलता
अनिरुद्ध ने बताया अगर कामयाबी चाहते हैं तो आप एक प्लानिंग के साथ चलना होगा. बिना प्लानिंग के आप कुछ भी हासिल नहीं कर सकते हैं.
आपको बता दें, पिछली तीन बार से वह प्रीलिम्स और मेन्स क्लियर तो हो गए थे लेकिन इंटरव्यू में असफल हो जाते थे. लेकिन किसी ने सही कहा है भगवान के घर देर हैं अंधेर नहीं.
प्रियंका शर्मा