राजस्थान: अब होगा कांग्रेस वाला इतिहास! क्या फिर बदलेंगी किताबें?

राजस्थान में कांग्रेस ने सत्ता में आते ही बीजेपी की ओर से राजस्थान बोर्ड की किताबों में हुए बदलाव की समीक्षा करने का फैसला किया है. अब समीक्षा के आधार पर किताबों में बदलाव किए जाएंगे.

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जवाहर लाल नेहरू जवाहर लाल नेहरू

मोहित पारीक / aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 29 दिसंबर 2018,
  • अपडेटेड 9:39 PM IST

राजस्थान विधानसभा चुनाव में जीत हासिल कर कांग्रेस सत्ता में आ गई है और कांग्रेस ने पूर्व सरकार के कार्यों की समीक्षा करनी शुरू कर दी है. प्रदेश के नए स्कूल शिक्षा मंत्री गोविंद सिंह डोटासरा ने कहा है कि पूर्व बीजेपी सरकार की ओर से पाठ्यपुस्तकों व अन्य संदर्भ सामग्री में किए गए बदलावों की समीक्षा की जाएगी. बता दें कि वसुंधरा राजे सरकार किताबों में इतिहास को लेकर किए गए बदलावों को लेकर चर्चा में रही थी.

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डोटासर ने जानकारी दी है कि महात्मा गांधी और देश के पहले प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू जैसी राष्ट्रीय विभूतियों की भूमिका को पर्याप्त जगह मिलेगी. उन्होंने कहा कि यह सुनिश्चित किया जाएगा कि राष्ट्रीय विभूतियों को पाठ्यपुस्तकों में उचित जगह मिले. साथ ही उन्होंने ये भी कहा कि सरकार उन पाठ्यपुस्तकों व अन्य संदर्भ सामग्री की समीक्षा करेगी, जिनमें पिछली बीजेपी सरकार ने बदलाव किए थे.

डोटासरा ने अपने मंत्रालय का कार्यभार संभालने के बाद भी अधिकारियों को निर्देश दिया था कि पाठ्यपुस्तकों में संशोधन पर एक स्थिति रपट तैयार की जाए. गौरतलब है कि पिछली सरकार में किताबों में चित्तौड़गढ़ की रानी पद्मिनी, महाराणा प्रताप और कई अन्य मुद्दों से जुड़े इतिहास की जानकारी में बदलाव किया गया था. सरकार के इस कदम का विपक्ष और कई संगठनों ने विरोध भी किया था.

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बीजेपी सरकार पर आरोप लगाए गए थे कि राजस्थान की आठवीं क्लास की इतिहास की किताब में भारत के प्रथम प्रधानमंत्री जवाहर लाल नेहरू का नाम तक नहीं है. न ही यह बात लिखी है कि नाथूराम गोडसे ने महात्मा गांधी की हत्या की थी. वहीं क्लास 10 और 12 की किताबों में महात्मा गांधी का नाम तो है लेकिन जवाहरलाल नेहरू नदारद हैं.

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