बॉलीवुड अभिनेता विनोद खन्ना को उनकी दमदार एक्टिंग के लिए जाना जाता रहा है, साथ ही वे बॉलीवुड के सबसे हैंडसम हीरोज में से एक कहे जाते थे. आज उनका निधन हो गया.
पर उनका जीवन कई उतार-चढ़ावों से भरा रहा है. उनके नजदीकी बताते हैं कि विनोद खन्ना ने अपने फलते-फूलते करियर को बीच में छोड़कर ओशो की शरण ली थी. वे उस समय अध्यात्म की ओर मुड़ गए थे, जब सफलता को इग्नोर करना आसान नहीं था.
खबरों के अनुसार, वे पुणे के ओशो आश्रम में कई सालों तक रहे थे. वे ओशो के साथ अमेरिका भी गए और उनकी सेवा में लगे रहते थे. आपको जानकर हैरानी होगी कि वे ओशो के पर्सनल गार्डन के माली भी बने. वहां उन्होंने उनके टॉयलेट और जूठी थाली तक साफ की थी.
कब हुआ ये सब
बताया जाता है कि विनोद खन्ना, आचार्य रजनीश ओशो के साथ अमेरिका के ओरेगान में कम्यून स्थापित करने के लिए गए थे. वहां ओशो ने उन्हें अपने पर्सनल गार्डन की देखभाल के लिए बतौर माली रखा था. वहां वे चार साल तक रहे. एक इंटरव्यू में खुद विनोद खन्ना ने कहा था कि अमेरिका के ओशो आश्रम में वे कई साल तक माली रहे और इस दौरान उन्होंने आश्रम में टॉयलेट से लेकर थाली तक साफ की है.