देश में उच्च शिक्षा के सभी संस्थानों में एडमिशन का तरीका अब बदल जाएगा. सभी उच्च शिक्षा संस्थानों में प्रवेश परीक्षा अब अलग-अलग एजेंसियां नहीं बल्कि एक एजेंसी कराएगी, जिसका नाम नेशनल टेस्टिंग (NTA) एजेंसी होगा. नेशनल टेस्टिंग एजेंसी की स्थापना का फैसला शुक्रवार की शाम को कैबिनेट की बैठक में लिया गया.
यह प्रतिष्ठित और ऑटोनोमस बॉडी होगी जिसका काम खासतौर पर यह होगा कि देश के बेहतरीन शिक्षा संस्थानों में एडमिशन प्रक्रिया को सुचारू ढंग से चलाए. नेशनल टेस्टिंग एजेंसी का प्रमुख एक विख्यात शिक्षाविद् होगा जिस की नियुक्ति मानव संसाधन विकास मंत्रालय करेगा. इसके डायरेक्टर जनरल की नियुक्ति सरकार करेगी और इसमें अलग-अलग संस्थानों से चुने हुए बोर्ड ऑफ गवर्नर्स भी होंगे. अलग-अलग परीक्षाओं के लिए खास तौर पर 9 विशेषज्ञ भी नियुक्त किए जाएंगे.
स्थापना के बाद नेशनल टेस्टिंग एजेंसी सबसे पहले उन परीक्षाओं को अपने हाथ में लेगी जो फिलहाल CBSE कराती है. बाद में AICTE समेत बाकी सभी एजेंसियों द्वारा संचालित की जाने वाली सभी परीक्षाएं नेशनल टेस्टिंग एजेंसी के दायरे में आ जाएंगी.
नेशनल टेस्टिंग एजेंसी की स्थापना के लिए सरकार पहले साल 25 करोड़ रुपए कब फंड देगी और उसके बाद जरूरत अनुसार और धन मुहैया कराया जाएगा. नेशनल टेस्टिंग एजेंसी की स्थापना के बाद अलग-अलग परीक्षा में शामिल होने वाले 40 लाख विद्यार्थियों को फायदा होगा. NTA की स्थापना का मकसद यह है की सभी परीक्षाओं का स्टैंडर्ड एक जैसा हो और उसमें उच्च गुणवत्ता आ सके. एक एजेंसी परीक्षा का संचालन करेगी तो उसका फायदा यह भी होगा कि सभी परीक्षा में प्रश्नों की कठिनाई और उनका स्तर के जैसा हो सकेगा और सभी परीक्षाओं में विद्यार्थियों का चुनाव समान रूप से हो सकेगा.
नेशनल टेस्टिंग एजेंसी कम से कम साल में दो बार ऑनलाइन तरीके से परीक्षा संचालित करेगी और धीरे-धीरे हर जिले में इसका केंद्र खोला जाएगा, ताकि दूरदराज के विद्यार्थियों तक इसकी पहुंच बनाई जा सके. परीक्षा के नए तरीकों के बारे में विद्यार्थियों को ट्रेनिंग देने की व्यवस्था भी नेशनल टेस्टिंग एजेंसी करेगी.
देश के प्रीमियर शिक्षा संस्थानों में प्रवेश परीक्षा के लिए नेशनल टेस्टिंग एजेंसी बनाने की घोषणा इस साल बजट के समय वित्त मंत्री ने की थी जिसे शुक्रवार को कैबिनेट ने मंजूरी दे दी.
बालकृष्ण