भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी) रूड़की से Ph.D कर रहे स्टूडेंट्स का कोर्स खत्म होने के बाद अपने यहां Ph.D स्टूडेंट्स को बतौर शिक्षक नहीं रखेगा.
आईआईटी रूड़की के डायरेक्टर अजीत कुमार चतुर्वेदी ने कहा कि हम अपने खुद के Ph.D स्टूडेंट्स को बतौर शिक्षक रखने को तैयार नहीं हैं और हम देश और दुनिया के सर्वश्रेष्ठ शिक्षकों को रखना पसंद करेंगे. अपने खुद के छात्रों को शिक्षक बनाना 'अपने ही परिवार में शादी करने जैसा है'.
चतुर्वेदी ने कहा कि यह बहुत ही प्रतिगामी चलन है क्योंकि यहीं पढ़ाई करने वाले व्यक्ति के दिमाग में नए विचार नहीं आएंगे और इसकी वजह है कि उसका दायरा नहीं बढ़ेगा. इस तरह के व्यक्ति को सहयोग करने के लिए वरिष्ठ साथी और शिक्षक होंगे जिस वजह से उसके भीतर अपनी खुद के नए विचार विकसित नहीं हो पाएगें.
बहरहाल, यह प्रतिष्ठित संस्थान अपने यहां से पढ़ाई करने वाले B-tech स्टूडेंट्स को Ph.D करने के लिए मौका दे रहा रहा है. चतुर्वेदी ने कहा, आईआईटी में विदेशी शिक्षक भी हैं, लेकिन सरकारी नियमों की वजहों से उनकी संख्या कम है.
मेधा चावला