JNU: एडमिशन नियमों को लेकर हुए जनमत संग्रह का ये रहा नतीजा

एमफिल और पीएचडी में दाखिले के लिए मौखिक परीक्षा को महत्वपूर्ण अर्हता बनाने और इन पाठ्यक्रमों में दाखिले के लिए सीटों की संख्या में कटौती को लेकर कराए गए वोट का मकसद यूजीसी अधिसूचना पर छात्रों का नजरिया जानना था.

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जेएनयू जेएनयू

अभि‍षेक आनंद

  • नई दिल्ली,
  • 09 फरवरी 2017,
  • अपडेटेड 3:11 AM IST

जवाहर लाल नेहरू यूनिवर्सिटी, दिल्ली के छात्र संगठन (जेएनयूएसयू) की ओर से कराए गए जनमत संग्रह में छात्र समुदाय ने यूजीसी के निर्देशों के बाद विश्वविद्यालय द्वारा दाखिला प्रक्रिया में किए गए बदलाव के खिलाफ वोट दिया है.

जेएनयूएसयू ने एक बयान में कहा कि निकायों के सभी प्रावधानों का उल्लंघन कर प्रशासन द्वारा पिछले साल मई में जारी यूजीसी गजट को एकतरफा लागू करने पर कल जनमत संग्रह कराया गया. इसमें 3455 और उनमें से 98.35 प्रतिशत ने गजट के खिलाफ वोट किया.

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एमफिल और पीएचडी में दाखिले के लिए मौखिक परीक्षा को महत्वपूर्ण अर्हता बनाने और इन पाठ्यक्रमों में दाखिले के लिए में कटौती को लेकर कराए गए वोट का मकसद यूजीसी अधिसूचना पर छात्रों का नजरिया जानना था.

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