जानें- कैसा है वो स्कूल जहां के 16 बच्चे बने Bihar 10th Result के टॉपर

बिहार बोर्ड (Bihar Board) 10वीं बोर्ड का रिजल्ट जारी कर दिया है. इस साल 10वीं की परीक्षा में 68.89 फीसदी छात्र पास हुए. इस साल खास बात यह है कि परीक्षा रिजल्ट में सिर्फ जमुई की सिमुलतला स्कूल को बोलबाला रहा है.

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जमुई स्थित सिमुलतला स्‍कूल जमुई स्थित सिमुलतला स्‍कूल

प्रियंका शर्मा

  • नई दिल्ली,
  • 26 जून 2018,
  • अपडेटेड 4:10 PM IST

बिहार बोर्ड (Bihar Board) 10वीं बोर्ड का रिजल्ट जारी कर दिया है. इस साल 10वीं की परीक्षा में 68.89 फीसदी छात्र पास हुए. इस साल खास बात यह है कि परीक्षा रिजल्ट में सिर्फ जमुई का सिमुलतला स्कूल का बोलबाला रहा है. टॉपर्स लिस्ट में टॉप 3 स्थान पर कब्जा करने वाली छात्राएं सिमुलतला से हैं और टॉप-10 में रहने वाले 23 परीक्षार्थियों में से 16 उम्मीदवार इसी स्कूल के हैं.  

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इसमें पहला स्थान प्रेरणा राज ने 91.4 फीसदी अंकों के साथ पहला स्थान हासिल किया है. वहीं दूसरे स्थान पर प्रज्ञा और शिखा कुमारी ने कब्जा किया है. टॉपर्स लिस्ट में तीसरे स्थान पर अनुप्रिया कुमारी हैं, जो कि जमुई सिमुलतला स्कूल की ही हैं.

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कैसा है ये स्‍कूल

बिहार के जमुई जिले में है सिमुलतला स्‍कूल. इसे 'मिनी शिमला' भी कहा जाता है. यहां घने जंगलों और पहाड़ियों के बीच बना है. विद्यालय की स्थापना 9 अगस्त 2010 को की गई थी.

कैसे होता है एडमिशन

इस स्‍कूल में क्‍लास 6 से एडमिशन होता है. कुल सीट्स 60 होती हैं. इसके लिए लिखित परीक्षा ली जाती है. ये परीक्षा बिहार बोर्ड लेता है.

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कैसी है स्‍कूल की दिनचर्या

सुबह 4.30 बजे स्‍कूल में सब उठ जाते हैं. सुबह एक्‍सरसाइज और प्रार्थना के बाद आठ बजे से दो बजे दिन तक बच्‍चे स्‍कूल में पढते हैं. फिर बीच में ब्रेक होता है. शाम 6.30 से रात 9.30 तक सेल्‍फ स्‍टडी का टाइम होता है. रात 10 बजे छात्रों के सोने का समय है. खास बात ये है कि छात्रों को पढ़ते समय कोई भी समस्‍या आए तो अध्‍यापक पूरे समय उनकी समस्‍या सुलझाने के लिए मौजूद रहते हैं.

अंग्रेजी में होती है पढ़ाई

यहां बिहार स्टेट टेक्स्ट बुक्‍स और NCERT किताबों से पढ़ाई कराई जाती है. पढ़ाई का माध्‍यम अंग्रेजी है. छात्रों के संपूर्ण विकास के लिए को-करिकुलर एक्टिविटीज भी कराई जाती हैं.

हर साल देता है टॉपर

इससे पहले 2015 की मैट्रिक परीक्षा में टॉप 10 में आने वाले 31 में से 30 छात्र यहीं के थे. फिर 2016 में भी इसी विद्यालय से टॉपर था. बीते दो सालों से जेईई मेन के रिजल्ट में भी यहीं के दर्जनों छात्र सफल होते रहे हैं.

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