हाई स्कूल पास जस्ट‍िन को लगता है पढ़ाई से डर

अपने गानों और लुक्स के जरिये करोड़ों को अपना दीवाना बनाने वाले बीबर अपनी पढ़ाई को लेकर उतने सीरियस नहीं हैं. वो अपने कंसर्ट के चाहे जितनी मेहनत कर लें पर पढ़ाई के लिए की जाने वाली मेहनत से उन्हें डर लगता है.

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justin bieber justin bieber

वंदना भारती

  • नई दिल्ली,
  • 07 मई 2017,
  • अपडेटेड 3:38 PM IST

10 मई को मुंबई में जस्ट‍िन बीबर का म्यूजिकल कंसर्ट होने वाला है. जस्ट‍िन के इस शो के टिकट की न्यूनतम कीमत 4000 रुपये है. दुनिया भर में 9.3 करोड़ फैनफॉलवर्स के मालिक जस्ट‍िन की एक झलक के लिए भारत में भी लोग बेताब हैं ओर अब उनके शो की लाखों टिकटें बुक हो चुकी हैं.

लेकिन अपने गानों और लुक्स के जरिये करोड़ों को अपना दीवाना बनाने वाले बीबर अपनी पढ़ाई को लेकर उतने सीरियस नहीं हैं. वो अपने कंसर्ट के चाहे जितनी मेहनत कर लें पर पढ़ाई के लिए की जाने वाली मेहनत से उन्हें डर लगता है.

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लेकिन जस्ट‍िन की मॉम चाहती थीं कि जस्ट‍िन अपनी कला के जरिये चाहे जितनी शोहरत और नाम कमा लें, पर उनकी पढ़ाई पर इसका कोई असर नहीं होना चाहिए और यही वजह है कि जस्ट‍िन को अपनी पढ़ाई पर ध्यान देना पड़ा.

डेली मेल में प्रकाशित रिपोर्ट के अनुसार जस्ट‍िन ने साल 2012 में हाई स्कूल पास किया. उस समय जस्ट‍िन ने कहा कि मैंने हाई स्कूल पास कर लिया है. अब मैं आजाद हूं. हर दिन के काम के साथ स्कूल की पढ़ाई करना, वाकई मुश्क‍िल काम है.

बीबर की मां पैटी मैलेट का मानना है कि जस्ट‍िन के पास गानों के अलावा दूसरा बैकअप प्लान भी होना चाहिए, जिसके लिए पढ़ाई जरूरी है.

जस्ट‍िन ने कहा कि मेरी मां चाहती थीं कि मैं पढ़ाई करूं, इसलिए उनकी खातिर हाई स्कूल पास किया. मैं पूरी दुनिया में यात्रा करता हूं, पर स्कूल में आपको बहुत लिखना और पढ़ना पड़ता है, जो मेरा स्टफ नहीं है. मैं वाकई इससे दूर रहना चाहता हूं.

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फॉर्ब्स मैगजीन में प्रकाश‍ित एक रिपोर्ट के अनुसार जस्ट‍िन भले ही कम उम्र में संगीत की दुनिया के सुपरस्टार बन गए हैं पर उनकी मेहनत किसी बड़े रॉकस्टार से कम नहीं है.

जस्ट‍िन की सफलता के पीछे की कहानी कुछ ऐसी थी...

1. जस्ट‍िन अपनी आवाज को पहचान दिलाने के‍ लिए मॉल्स और रोड पर गाने की बजाय रेडियो स्टेशनों के चक्कर काटते थे. उन्होंने करीब-करीब हर रेडियो स्टेशन का दरवाजा खटखटाया और ऐसा एक बार नहीं, बल्क‍ि लगातार तब तक करते रहे, जब तक उन्हें सफलता नहीं मिली. आख‍िरकार जस्ट‍िन को अपनी आवाज सुनाने का मौका मिला.

2. आने वाले ईमेल का जवाब देना भी एक चुनौती है. छोटी उम्र में ही जस्ट‍िन को ये बात समझ आ गई थी कि सफलता पानी है तो ईमेल का जवाब जल्दी देना होगा और फैसले भी जल्दी ही लेने होंगे.

3. बीबर ये मानते हैं कि जीवन में कभी 'कभी नहीं' नहीं कहना चाहिए. सफलता तक पहुंचने में यह सबसे बड़ी रुकावट है.

4. अच्छी संगत जरूरी है. आप कितना भी अच्छा करने की कोश‍िश कर लें, लेकिन अगर आपकी संगती अच्छी नहीं है तो आप वहां तक नहीं पहुंच सकते, जो आप डिजर्व करते हैं.

5. अगर आपकी आवाज में दम है तो उसे कोई रोक नहीं सकता. एक अच्छे उत्पाद को कोई बेकार कह कर रिजेक्ट नहीं कर सकता.

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