#ISRO का PSLV-XL है अचूक, सबसे कम काउंटडाउन में पूरा हुआ मिशन

इसरो ने बुधवार को 104 सैटेलाइट्स अंतरिक्ष में प्रक्षेपित कर इतिहास रच दिया है. आप भी जानिए इस मिशन की ऐसी बातें, जिनके बारे में कम लोग जानते हैं...

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मेधा चावला

  • नई दिल्‍ली,
  • 15 फरवरी 2017,
  • अपडेटेड 1:37 PM IST

इसरो ने अंतरिक्ष में अब तक की सबसे ऊंची उड़ान बुधवार को भरी. श्रीहरिकोटा के सतीश धवन लॉन्चिंग सेंटर से पीएसएलवी-सी37 लॉन्च किया गया. 9 बजकर 28 मिनट पर 104 सैटेलाइट्स का प्रक्षेपण हुआ. 10:02 मिनट पर इसरो की ओर से इस मिशन के कामयाब होने का ऐलान किया गया.

अब जानिए इस मिशन के बारे में ऐसी बातें, जो ज्‍यादातर लोगों को पता नहीं है...

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1. 7 देशों की 104 सैटेलाइट सफलापूर्वक प्रक्षेपित कर भारत ने रिकॉर्ड कायम किया है. भारत ने रूस का रिकॉर्ड तोड़ा.


2. जो 104 सैटेलाइट्स अंतरिक्ष में भेजी गई हैं, उनमें भारत की कार्टोसेट-2 भी शामिल है. ये भारत के लिए हाई-रेजोल्‍यूशन तस्‍वीरें भेजेगा. जो सुरक्षा और प्राकृतिक आपदाओं के लिए महत्‍वपूर्ण साबित होगा.

3. आज जिस PSLV-XL से जो लॉन्‍च किया गया है, वह इसरो का 15वां स्‍पेस मिशन है.

4. इसरो को स्‍पेस प्रोग्राम्‍स में अच्‍छी सफलता मिली है. 2010 के बाद से अब तक हर प्रक्षेपण सफल रहा है.

5. PSLV का XL वर्जन प्रयोग किया गया. इसका सक्‍सेस रेट 100 फीसदी रहा है. इससे पहले इसे MOM यानी मार्स ऑर्बिटर मिशन के लिए प्रयोग किया गया था. फिर चंद्रयान-1 के लिए भी यह प्रयोग किया गया.

6. अभी तक के PSLV मिशन में इस मिशन का काउंटडाउन सबसे कम का था यानी केवल 28 घंटे का.

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7. इस दौरान दो भारतीय नैनो सैटललाइट भी लॉन्‍च की गई हैं, जिनका वजन 1,378 किलो था.

8. इसरो की मार्केटिंग इकाई एंट्रिक्‍स कॉरपोरेशन लिमिटेड ने यह प्रोग्राम शेड्यूल किया था. अमेरिका के अलावा इजरायल, हॉलैंड, यूएई, स्विट्जरलैंड और कजाकिस्तान के छोटे आकार के सैटेलाइट शामिल थे.

9. ये इस साल का पहला भारतीय स्‍पेस मिशन था और इसरो के सबसे कठिन प्रोजेक्‍ट्स में से एक माना जा रहा था.

10. भारत ने इससे पहले इस तरह का रिकॉर्ड जून 2016 में बनाया था जब एक बार में 20 सैटेलाइट प्रक्षेपित किए गए थे. इनमें से 13 अमेरिका के थे.

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