... वो थी जख्मों पर मरहम लगाने वाली सिस्टर

वो एक अमीर परिवार में जन्मीं लेकिन गरीबों की सेवा में अपना सारा जीवन लगा दिया. जानते है उस नर्स के बारें में.

Advertisement
Florence Nightingale Florence Nightingale

वंदना भारती

  • नई दिल्ली,
  • 12 मई 2017,
  • अपडेटेड 9:09 AM IST

इंसान की फितरत है कि वो सिर्फ अपने लिए जीता है, लेकिन वे सिर्फ दूसरों के लिए जीकर अमर हो गईं.. आधुनिक नर्सिंग की जनक मानीं जाने वाले फ्लोंरेंस नाइटिंगेल का जन्म 1820 को 12 मई को हुआ था.

हालांकि फ्लोरेंस नाइटिंगेल का जन्म एक धनी परिवार में हुआ था, लेकिन आरामदायक जीवन बिताने में उन्हें कोई दिलचस्पी नहीं थी. उनके मन में मनावता के प्रति बेहद प्यार था.

Advertisement

जानते है उनसे जुड़ी खास बातें

1. फ्लोरेंस नाइटिंगेल ने घर पर ही अपने पिता से अंग्रेजी, इटैलियन, लैटिन, जर्मनी, फ्रेंच, इतिहास और दर्शन सीखा.

2. फ्लोरेंस दुसरे लोगो की मदद करना चाहती थी. वह एक नर्स बनना चाहती थी लेकिन उसके माता -पिता और उसकी बहन उसे नर्स नहीं बनने देना चाहते थे.

3.उनके पिता चाहते थे कि वह एक धनी व्यक्ति से शादी करें और आराम की जिंदगी बिताए.

4. लेकिन जब फ्लोरेंस ने नर्स बनने की ठानी तो वह काफी मुश्किल दौर था क्योंकि उन दिनों में अच्छे परिवारों की महिलाएं नर्स नहीं बनती थी. उन्हें बहुत कम धन मिलता था. साथ ही उनका कोई आदर नहीं करता था.

5. लेकिन फ्लोरेंस ने इन सब की परवाह नहीं की. उसने चुपचाप नर्स बनने की योजना बना ली. उसे पहला मौका तब मिला जब उसकी दादी बीमार हो गई.

Advertisement

6. फ्लोरेंस उसके साथ ही रही और उसकी देखभाल की. लेकिन वह धीरे-धीरे जान गई थी कि वह ठीक प्रकार से काम नहीं कर पा रही है इसलिए उन्होंने दवाओं के विषय में किताबें पढना शुरू कर दिया. कुछ सालों बाद उसे जर्मनी जाने का मौका मिला. जहां उन्हेंएक अस्पताल में नर्सिंग सीखने के लिए मौका मिला.

7. जब वह इंग्लैंड वापिस लौटी तो वह एक संस्था 'केयर ऑफ द सिक' की सुपरिंटेंडेंट बन गयी. उसने नर्सो को प्रशिक्षण देना शुरू कर दिया और प्रसिद्ध हो गयी.

8. 1960 में उन्होंने लंदन में नर्सिग स्कूल की स्थापना की थी.

9. भारतीय सैनिकों में स्वच्छता को लेकर उन्होंने काफी काम किया, इससे 1873 के दौरान सैनिकों की मृत्यु दर 69 से घटकर 18 प्रति हजार पर आई.

10. नर्सिंग क्षेत्र से जुड़ने वाली नई सिस्टर सबसे पहले मरीजों की सेवा से जुड़ी 'द नाइटिंगल' प्लेज' लेती हैं, जो फ्लोरेंस के नाम पर है.

11. हर साल भारत में राष्ट्रपति शानदार काम करने वाली नर्सों को नेशनल फ्लोरेंस नाइटिंगेल अवार्ड से सम्मानित करते हैं.

12. फ्लोरेंस नाइटिंगेल ने कहना है कि ' मेरी सफलता का यही राज है कि मैंने कभी बहाने का सहारा नहीं लिया.

13. तेरह अगस्त 1910 में उन्होंने अंतिम सांसे ली.

Advertisement

 

Read more!
Advertisement

RECOMMENDED

Advertisement