JNU के बाद देश के दूसरे विश्वविद्यालयों में भी बढ़ी टैंक की मांग

जवाहर लाल नेहरू के कुलपति एम जगदेश कुमार की ओर से विश्वविद्यालय परिसर में सेना का टैंक रखने की मांग के बाद यह मांग कई अन्य विश्वविद्यालयों से भी आने लगी है.

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प्रतीकात्मक फोटो प्रतीकात्मक फोटो

मोहित पारीक

  • नई दिल्ली,
  • 29 अक्टूबर 2017,
  • अपडेटेड 1:03 PM IST

जवाहरलाल नेहरू के कुलपति एम जगदेश कुमार की ओर से विश्वविद्यालय परिसर में सेना के टैंक रखने की मांग के बाद यह मांग कई अन्य विश्वविद्यालयों से भी आने लगी है. जेएनयू के बाद अब अन्य निजी संस्थान, शिक्षा संगठन, स्कूल, कॉलेज और एनजीओ की ओर से भी कैंपस में टैंक या अन्य सामान रखने की मांग बढ़ गई है.

इंडियन एक्सप्रेस की एक खबर के मुताबिक साल 2014-15 में इस तरह की सिर्फ तीन मांग की गई थी, लेकिन 2015-16 में इन मांगों के आंकड़ों में इजाफा हो गया है. रिपोर्ट के अनुसार 2016-17 तक सेना के पास टैंक रखने के 31 निवेदन आ चुके हैं.

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यहां रखे हैं सेना के टैंक

बता दें कि सेना की ओर से साल 2013 तक मॉर्डन स्कूल (नई दिल्ली) में एक विजयंत टैंक, मोहम्मद अली जौहर यूनिवर्सिटी (रामपुर) में एक टी-55 टैंक, द मार्टिनियर कॉलेज (लखनऊ) और लॉवेरेंस स्कूल में एक टी-55 टैंक, पंजाब यूनिवर्सिटी में एक विजयंत टैंक, पंजाब पब्लिक स्कूल में टी 55 टैंक, राजकुमार कॉलेज (रायपुर) में एक टी-55 टैंक रखे गए हैं. इन संस्थानों में कई और नाम भी शामिल हैं, जहां बंदूकों से लेकर टैंक रखे हुए हैं.

गौरतलब है कि जवाहरलाल लाल नेहरू यूनिवर्सिटी (जेएनयू) के कुलपति एम जगदेश कुमार ने मांग की थी कि विश्वविद्यालय परिसर में सेना का एक युद्धक टैंक स्थापित किया जाए. उन्होंने बकायदा दो केंद्रीय मंत्रियों-धर्मेंद्र प्रधान और जनरल वीके सिंह से मदद का आग्रह भी किया है. उन्होंने इसलिए यह कहा था ताकि यह पढ़ने आने वाले बच्चों को लगातार याद दिलाता रहे कि सेना देश की सुरक्षा के लिए कितना बलिदान देती है.

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जगदेश कुमार के बाद उनका शिक्षकों और विद्यार्थियों ने जमकर विरोध भी किया था. उनका कहना था कि एक संस्थान को युद्ध के रंगमंच में नहीं बदला जा सकता है.

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