कोरोना वायरस से निपटने के लिए पूरी दुनिया वर्ल्ड हेल्थ ऑर्गेनाइजेशन यानी WHO की गाइडलाइन फॉलो कर रही है. ऐसे में जानते हैं कौन हैं WHO के महानिदेशक डॉक्टर टेड्रोस अधानोम घेब्रेयेसस (Tedros Adhanom Ghebreyesus), जिन्हें डॉक्टर टेड्रोस के नाम से अधिक जाना जाता है.
डॉक्टर टेड्रोस का जन्म 3 मार्च 1965 को हुआ था उन्होंने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मलेरिया की रिसर्च पर काम किया था.
इसके लिए उन्हें American Society of Tropi-cal Medicine and Hygiene के द्वारा 'यंग इन्वेस्टिगेटर ऑफ द ईयर' से सम्मानित किया था.
साल 2017 से उन्होंने वर्ल्ड हेल्थ ऑर्गेनाइजेशन (WHO) के महानिदेशक का पद संभाला था. टेड्रोस की गिनती प्रसिद्ध डॉक्टर्स में होती है. इससे पहले वह अफ्रीका के पहले नॉन फिजिशियन डॉक्टर के रूप में काम कर चुके हैं. वह इथियोपिया की सरकार में 2005 से 2012 तक स्वास्थ्य मंत्री और 2012 से 2016 तक विदेश मंत्रालय के मंत्री रहे.
बचपन में चला था मलेरिया का पता
टेड्रोस का जन्म अस्मारा में हुआ था, जो उस समय इथियोपिया (ईस्ट अफ्रीका) में था, लेकिन अब इरिट्रिया की राजधानी है. कॉलेज के बाद, टेड्रोस जूनियर पब्लिक हेल्थ एक्सपर्ट के स्वास्थ्य मंत्रालय में शामिल हो गए थे. फिर वहां से आगे की पढ़ाई करने लंदन चले गए थे.
टेड्रोस ने बताया था कि जब वह छोटे थे उस समय उन्हें मलेरिया के बारे में पता चला था. उन्हें मालूम चला थी कि ये कितनी खतरनाक बीमारी है, जिसमें मृत्यु का भी खतरा है.
कैसे लड़ सकते हैं कोरोना से
डब्लूएचओ के महानिदेशक टेड्रोस ने संदेश देते हुए कहा है कि कोरोना से लड़ने और कंट्रोल करने का एकमात्र उपाय है टेस्ट, टेस्ट, टेस्ट है. यही हमारा संदेश है. उन्होंने कहा कि सभी देशों को सभी संदिग्ध मामलों का टेस्ट करने में सक्षम होना चाहिए, वे इस महामारी से आंखों पर पट्टी बांधकर नहीं लड़ सकते. उन्होंने कहा कि जिन देशों के पास टेस्ट की अच्छी सुविधाएं हैं, वह भी कोरोना वायरस के प्रकोप को रोकने में सफल हो सकते हैं.
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