एसिट अटैक हमला हमारे समाज मे सबसे घिनौना अपराध माना गया है. जिन महिलाओं पर ये हमला हुआ है उसका दर्द शायद हम ना समझ पाएं. इस हमले के बाद कई महिलाएं आगे पढ़ना छोड़ देती है. क्योंकि वह अपना आत्मविश्वास खो देती है.
लेकिन अब Delhi University ने एक उम्मीद की किरण दिखाते हुए इस साल से उन छात्राओं के लिए अंडरग्रेजुएट कोर्स में सीट आरक्षित करने का कदम उठाया है जो एसिट अटैक पीड़िता हैं.
दिल्ली यूनिवर्सिटी देश की पहली यूनिवर्सिटी है जिसने Rights of Persons with Disabilities Act, 2016 के तहत विकलांग स्टूडेंट्स के लिए सीट का आरक्षण 3 पर्सेंट से 5 पर्सेट कर दिया था.
वहीं आने वाले समय में विकलांगों के लिए दिल्ली यूनिवर्सिटी 2500 सीटें आरक्षित करेगा.
ये DU की एक नई पहल है जो छात्राएं एसिड अटैक के बाद पढ़ना छोड़ देती है उनके लिए एक महत्वपूर्ण कदम दिल्ली यूनिवर्सिटी ने उठा रही है.
जहां thalassemia और dwarfism पीड़ित छात्रों को एडमिशन के लिए सीटें आरक्षित की जाएगी.
इस कदम से उन छात्राओं को मदद मिलेगी जो इस तरह के हादसों के बाद आगे पढ़ने का सपना छोड़ देती हैं. बतादें DU ने PwD स्टूडेंट्स के लिए पिछले साल 3% सीट आरक्षित की थी. वहीं कॉलेज ने कोटे के तहत शारीरिक विकलांगता की कैटेगरी बढ़ा दी हैं. इससे पहले, केवल तीन कैटेगरी थीं, लेकिन अब पांच कैटेगरी कर दी गई हैं. बतादें इस साल विकलांग स्टूडेंट्स के द्वारा 260 फॉर्म एडमिशन के लिए रजिस्ट्रर किए गए हैं.
वंदना भारती