Midday Meal में गड़बड़ी का एक और मामला सामने आया है. इस बार यह घटना गांधीनगर जिला के कलोल तालुका के जमला गांव की है, जहां के प्राइमरी स्कूल में बंटने वाले मिडडेमील में मरा हुआ चूहा मिला है.
गांधीनगर के स्कूल जमला आदर्श प्राइमरी
स्कूल में पढ़ने वाले बच्चों के उस वक्त होश उड़ गए,
जब उन्हें पता चला कि मिडडे मील के लिए आए
खाना में मरा हुआ चूहा भी है.
बच्चों को खाना परोसने के लिए टीचर्स ने जब खाना देखना शुरू किया तो वो हैरान हो गए. क्योंकि खाने में एक मरा हुआ चूहा था.
गांधीनगर के जमला गांव में स्थित सरकारी
प्राइमरी स्कूल में एनजीओ अक्षय पत्र द्वारा रोजाना
मिडडेमील की सप्लाई की जाती है.
पीटीआई की एक रिपोर्ट के अनुसार मिडडे मील के कमिशनर आरजी त्रिवेदी ने बताया कि स्कूल को जो खाना सप्लाई किया गया, उसमें मरा हुआ चूहा पाया गया है. राहत की बात यह है कि खाना बच्चों को परोसने से पहले ही शिक्षकों ने इसे देख लिया.
आरजी त्रिवेदी ने बताया कि जमला आदर्श
प्राइमरी स्कूल में खाना सप्लाई करने वाला सप्लायर
तीन अन्य विद्यालयों में भी खाना सप्लाई करता है.
पर वहां से ऐसी कोई शिकायत नहीं आई है. हमने
जिला प्रशासन से इस पर रिपोर्ट मांगी है और एक
बार रिपोर्ट आने के बाद ही उस पर फैसला लिया
जाएगा.
जमला आदर्श प्राइमरी स्कूल में 242 छात्र हैं और इसे राज्य का मॉडल स्कूल घोषित किया गया है.
बता दें कि इससे पहले भी मिडडे मील में छिपकली, कॉक्रोच और मरे हुए चूहे की शिकायतें आ चुकी हैं.
वंदना भारती