सेंट्रल बोर्ड ऑफ सेकेंड्री एजुकेशन (CBSE) अपने
मान्यता प्राप्त स्कूलों द्वारा निर्धारित प्राइवेट पब्लिशर्स
की पाठ्य पुस्तकों की समय-समय पर समीक्षा करेगा.
यानी CBSE द्वारा मान्यता प्राप्त स्कूलों में प्राइवेट पब्लिशर्स की सिर्फ उन्हीं किताबों को पाठ्य पुस्तकों में शामिल किया जाएगा, जिनकी CBSE ने समीक्षा की है. खासतौर से कंप्यूटर साइंस आधारित किताबों को, जिन्हें NCERT पब्लिश नहीं करती, उन्हें समीक्षा के बाद इस्तेमाल किया जाएगा.
दरअसल, इसके जरिये CBSE यह सुनिश्चित करना चाहता है कि किताबें राष्ट्रीय पाठ्यक्रम फ्रेमवर्क के मुताबिक ही हों. यह निर्णय HRD मंत्रालय, CBSE और नेशनल काउंसिल ऑफ एजुकेशनल रिसर्च की कई बैठकों के बाद लिया गया है.
इस बीच, 1,400 से ज्यादा सीबीएसई स्कूलों ने पहले से
ही साल 2017-18 एकेडमिक सेशन के लिए कक्षा 1 से 12वीं तक के लिए NCERT किताबों का ऑर्डर दे रखा है.
अब तक करीब 32 लाख NCERT किताबों का ऑर्डर दिया जा चुका है, जिसे काउंसिल को अगला एकेडमिक सेशन शुरू होने से पहले उपलब्ध कराना होगा.