Schools-Colleges Closed in Tiruvallur: दक्षिण भारत में मौसम का कहर जारी है. च्रकवाती तूफान 'मैंडूस' (Mandous Cyclone) के कारण तमिलनाडु के तिरुवल्लूर, चेन्नई, चेंगलपट्टू और कांचीपुरम जिलों में भारी बारिश की संभावना है. राज्य सरकार ने छात्रों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए कई जिलों में स्कूल-कॉलेज बंद करने का फैसला लिया है. स्कूल-कॉलेज पिछले कई दिनों से बंद हैं और अब 10 दिसंबर 2022 को भी इन्हें बंद रखने की घोषणा कर दी गई है.
भारी बारिश और तूफान की वजह से 05, 07, 08, 09 और अब 10 दिसंबर को भी स्कूल-कॉलेज बंद रहेंगे. इसके अलावा कई परीक्षाओं को भी स्थगित कर दिया गया है. तिरुवल्लूर के जिलाधिकारी ने ट्विट कर यह जानकारी दी है.
कई दिनों तक भारी बारिश की चेतावनी
भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के मुताबिक, आज इसके कमजोर पड़ने की संभावना है, हालांकि इससे पहले ये तूफान उत्तर पश्चिम की ओर बढ़ेगा और फिर महाबलीपुरम में लैंड करेगा. कई क्षेत्रों में 10 दिसंबर को भी यहां बारिश जारी रहेगी और केरल और दक्षिण आंतरिक कर्नाटक में शुरू होगी. 11 और 12 दिसंबर को भी पांचों अनुमंडलों में झमाझम बारिश होगी. यह तब होगा जब सिस्टम पहले से ही गहरे अंतर्देशीय में चला गया होगा और अरब सागर को पार करने के कगार पर होगा, बारिश का फैलाव पूरे दक्षिण प्रायद्वीपीय भारत में होगा.
अधिकारी से मिली जानकारी के अनुसार, अगले तीन घंटों के दौरान तमिलनाडु के तिरुवल्लूर, चेन्नई, चेंगलपट्टू और कांचीपुरम जिलों में कुछ स्थानों पर गरज और बिजली चमकने के साथ तेज बारिश होने की संभावना है. विल्लुपुरम, कुड्डालोर में कुछ स्थानों पर मध्यम बारिश होने की संभावना है.
वहीं तमिलनाडु के थिरुवन्नामलाई, कल्लाकुरिची, रानीपेट्टई, वेल्लोर, थिरुपुर, कोयंबटूर, नीलगिरी, थेनी, तेनकासी और विरुधुनगर जिले और पुडुचेरी में भारी बारिश की चेतावनी है. इसके अलावा मयिलादुथुरई, नागपट्टिनम, तिरुवरुर, तंजावुर, पुदुक्कोट्टई, रामनाथपुरम, थूथुकुडी, थिरुनेलवेली, कन्याकुमारी तिरुपत्तर, कृष्णागिरी, धर्मपुरी, अरियालुर, पेरम्बलुर, तिरुचिरापल्ली, करूर, इरोड, सलेम, नामक्कल, में कुछ स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है.
400 राहत कर्मी तैनात
तमिलनाडु सरकार ने तूफान के चलते राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (National Disaster Response Force) और एसडीआरएफ (SDRF) की टीमें तैनान कर दी हैं. इन टीमों के 400 राहत कर्मी हर हालात से निपटने के लिए तैयार हैं. मछुआरों को भी समुद्र में न जाने और अपनी रेस्क्यू नौकाओं के साथ तैयार रहने के आदेश दिए गए हैं.
प्रमोद माधव