पंचर बनाने वाले की बेटी बनेगी डॉक्‍टर! मुफ्त कोचिंग की मदद से क्रैक किया NEET

NEET UG Topper: स्कूल के समय से ही मिस्बाह पढ़ने लिखने में तेज़ रही हैं. 10वीं की बोर्ड परीक्षा में 92% नंबर हासिल किए थे जबकि 12वीं की बोर्ड परीक्षा में 86% नंबर प्राप्त किए थे. पिता परिवार का भरण-पोषण करने के लिए एक पंचर की दुकान पर काम करते हैं.

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aajtak.in

  • नई दिल्‍ली,
  • 15 जून 2023,
  • अपडेटेड 10:46 AM IST

NEET UG Topper: महाराष्‍ट्र के जालना शहर में पंचर की दुकान पर काम करने वाले अनवर खान की बेटी मिस्‍बाह ने NEET UG परीक्षा क्रैक कर पूरे परिवार के चेहरे पर खुशी ला दी है. मिस्‍बाह ने नीट परीक्षा में 720 में से 633 नंबर स्‍कोर कर सफलता हासिल की, जिसके बाद जालना जिले में लोगों ने बेटी को ढेरों बधाई दीं.

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मिस्बाह के घर की आर्थिक स्थिति बहुत खराब है. पिता मोटरसाइकिल पंक्चर बनाते हैं जबकि मां घर संभालती हैं. उनका कहना है कि घर की हालत खराब होने के बाद भी उन्होंने मेहनत की और दूसरे प्रयास में नीट की परीक्षा में कामयाबी हासिल की. अब वह MBBS कर के डॉक्टर बनने का सपना पूरा करेंगी.

नीट की परीक्षा में कामयाब होने के बाद मिस्बाह के माता-पिता खुशी का ठिकाना नहीं है और इस दौरान उनकी आंखों से खुशी के आंसू बह रहे थे. बेटी की सफलता पर पिता अनवर खान ने कहा, 'अगर अंकुश सर का मार्गदर्शन न होता तो मिस्बाह को यह सफलता नहीं मिलती. दो-तीन सालों तक मिस्बाह जालना में अंकुश सर की क्लास में मुफ्त में नीट की तैयारी कर रही थी. आज सच्ची मेहनत और लगन से बेटी ने जालना से नीट की परीक्षा में टॉप किया है.'

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जालना में नीट की तैयारी कराने वाले अंकुश सर ने कहा, 'हम गरीब छात्रों के लिए एक योजना चलाते हैं. इस योजना के तहत गरीब बच्चों को मुफ्त कोचिंग दी जाती है. इसी योजना के तहत मिस्बाह को भी मुफ्त कोचिंग मिली थी. हमें लगता है कि हमारी मेहनत रंग ला रही है.'

मिस्बाह ने कहा कि जब घर के हालात खराब थे, तो वह दिन-रात पढ़ाई कर रही थीं, लेकिन कभी हार नहीं मानी. उनका कहना है कि वह MBBS डॉक्टर बनकर गरीबों की सेवा करना चाहती  हैं. स्कूल के समय से ही मिस्बाह पढ़ने लिखने में तेज़ रही हैं. 10वीं की बोर्ड परीक्षा में 92% नंबर हासिल किए थे जबकि 12वीं की बोर्ड परीक्षा में 86% नंबर प्राप्त किए थे. पिता परिवार का भरण-पोषण करने के लिए एक पंचर की दुकान पर काम करते हैं. नीट का रिजल्‍ट आते ही  लोगों ने मिस्बाह के घर आकर उसे कामयाबी पाने पर शुभकामनाएं दी.

(जालना से इसरार चिस्‍ती के इनपुट)

 

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