कोरोना संक्रमण की दूसरी लहर से देश भर में बनी भयावह स्थिति को देखते हुए सीबीएसई और आईसीएसई बोर्ड के 10वीं और 12वीं के बोर्ड एग्जम कैंसिल हो चुके हैं. अब इसी क्रम में देश भर के कई राज्य अब तक बोर्ड एग्जाम कैंसिल करने का फैसला ले चुके हैं. इसी क्रम में गुरुवार को झारखंड एकेडमिक काउंसिल (JAC) के 10वीं और12वीं के बोर्ड एग्जाम कैंसिल कर दिए गए.
झारखंड सरकार ने शिक्षा जगत के लोगों के साथ बैठक के बाद ये फैसला लिया है. इस फैसले से राज्य के 7.5 लाख से ज्यादा अभ्यर्थियों को राहत मिली है. बता दें कि इस साल 4.32 लाख छात्र मैट्रिक यानी दसवीं की परीक्षा में हिस्सा लेने वाले थे, वहीं 3.31 स्टूडेंट्स ने 12वीं के लिए एनरोल कराया था. अब झारखंड एकेडमिक कॉन्सिल द्वारा इस सत्र में आयोजित होने वाले 10वीं एवं 12वीं के परीक्षा रद्द होने से अभिभावकों को भी राहत मिली है.
राज्य के मुख्यमंत्री ने कोविड-19 से उत्पन्न परिस्थितियों को देखते हुए झारखंड एकेडमिक कॉन्सिल द्वारा इस सत्र में आयोजित होने वाले 10वीं एवं 12वीं के परीक्षा को रद्द करने का निर्णय लिया. बता दें कि 23 मई को परीक्षा के आयोजन को लेकर रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के साथ राज्य के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेने के साथ उच्च स्तरीय बैठक हुई थी. बैठक में मुख्यमंत्री ने परीक्षा कैंसिल करने की बात कही थी. लेकिन अब तक फैसला न आने से छात्रों और अभिभावकों में चिंता बढ़ रही थी.
इसी मामले में आज भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष और राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री रघुवर दास ने भी झारखंड बोर्ड से 10वीं और 12वीं की परीक्षा रद्द करने की मांग उठाई थी. रघुवर दास ने कहा था कि राज्य सरकार को इस विषय पर निर्णय लेने में देरी नहीं करनी चाहिए. छात्र और अभिभावक परीक्षा को लेकर तनाव में हैं.
सत्यजीत कुमार