NEET-JEE पर सुप्रीम कोर्ट में पश्चिम बंगाल, झारखंड, राजस्थान, पंजाब और छत्तीसगढ़ के 6 सीएम की ओर से दायर रिव्यू पिटीशन कोर्ट ने रिजेक्ट कर दिया है. बता दें कि कोरोना वायरस के संक्रमण को देखते हुए इन सभी राज्यों के मुख्यमंत्रियों ने जेईई मेन और नीट परीक्षा स्थगित करने की मांग की थी.
बहुत विवाद और बहस के बाद NEET-JEE सुप्रीम कोर्ट ने इन परीक्षाओं को जरूरी माना था. लेकिन इसे लेकर फिर से रीव्यू पिटिशन डाला गया था. जस्टिस अशोक भूषण की अगुवाई वाली तीन जजों की बेंच पश्चिम बंगाल, झारखंड, राजस्थान, पंजाब और छत्तीसगढ़ के 6 सीएम द्वारा दायर रिव्यू पिटीशन पर आज सुनवाई करेगी. NEET 2020 को स्थगित किया जाए या नहीं इस पर फैसला आज होने की संभावना है.
तीसरे दिन की परीक्षा के एनालिसिस में सामने आया है कि इस दिन छात्रों को फीजिक्स कठिन और केमेस्ट्री पेपर लंबा लगा. संयुक्त प्रवेश परीक्षा (जेईई) मेन में गुरुवार को उपस्थित हुए अधिकांश छात्रों ने परीक्षा को सामान्य से कठिन बताया. भौतिकी और रसायन विज्ञान के पेपर कठिन लगे वहीं गणित को हल करना आसान लगा. छात्रों और शिक्षकों की प्रतिक्रिया के अनुसार, प्रत्येक पेपर में कैलकुलेशन वाला पार्ट थोड़ा कठिन और लंबा दोनों था.
जेईई-मेंस (संयुक्त प्रवेश परीक्षा) के लिए देश भर में करीब 8.50 लाख छात्रों ने पंजीकरण किया था. वहीं नीट इससे बड़ी राष्ट्रीय स्तर की परीक्षा है जो एनटीए आयोजित करा रही है. NEET की परीक्षा के लिए 15.97 लाख स्टूडेंट्स ने पंजीकरण किया है. परीक्षा को लेकर पूरे देश में तैयारियां जारी हैं. राज्य सरकारें भी इसमें छात्रों के सहयोग की भूमिका में नजर आ रही हैं. छात्रों को लॉकडाउन में छूट दी जा रही है, इसके अलावा यातायात की भी व्यवस्था पर ध्यान दिया जा रहा है.
NEET और JEE परीक्षाओं में छात्रों की भागीदारी को लेकर केंद्रीय शिक्षामंत्री ने उत्साहजनक आंकड़े दिए हैं. वहीं पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने मेडिकल और इंजीनियरिंग कॉलेजों में एडमिशन के लिए कराई जा रही प्रवेश परीक्षाओं JEE-NEET को लेकर फिर सवाल उठाए हैं. केंद्र सरकार ने परीक्षाओं को टालने से इनकार कर दिया था. इसपर ममता बनर्जी ने कहा है कि बंगाल में पहले दिन बस 25 फीसदी बच्चे ही शामिल हो पाए हैं.
NEET और JEE परीक्षाओं को लेकर सुप्रीम कोर्ट में आज यानी 4 सितंबर को सुनवाई होगी. बता दें कि परीक्षाओं को लेकर छह गैर भाजपा शासित राज्यों के मंत्रियों की ओर से याचिकाएं दाखिल की गई थीं. याचिकाओं में सुप्रीम कोर्ट से अपने पिछले आदेश पर पुनर्विचार करने का आग्रह किया गया है.
जेईई मेन परीक्षा का कल तीसरा दिन था. दिल्ली के एक परीक्षा केंद्र के बाहर एक उम्मीदवार ने कहा कि जनवरी सेशन की तुलना में ये पेपर मुश्किल था. कैलकुलेशन में थोड़ा ज्यादा समय लगा. वहीं कई छात्रों को पेपर आसान लगा.
जेईई मेन आयोजित कराने वाली नेशनल टेस्टिंग एजेंसी NTA ने छात्रों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए परीक्षा केंद्रों की संख्या लगभग दोगुना किया है. इसके अलावा कोरोना के दौरान जारी हेल्थ प्रोटोकॉल का पालन करते हुए ये परीक्षा हो रही है.
हेल्थ मिनिस्ट्री ने JEE Main सहित फाइनल इयर एग्जाम और अन्य परीक्षाओं की तैयारी के संबंध में नए दिशानिर्देश जारी किए हैं. स्वास्थ्य मंत्रालय ने कहा है कि केवल उन्हीं परीक्षा केंद्रों पर एग्जाम कराने की इजाजत मिलेगी जो कंटेनमेंट जोन में नहीं आते हैं. कंटेनमेंट जोन से आने वाले उम्मीदवार और स्टाफ को भी एग्जाम सेंटर में जाने की इजाजत नहीं होगी.
केंद्रीय शिक्षा मंत्री रमेश पोखरियाल निशंक ने ट्विटर के जरिये ये आंकड़े साझा किए हैं. उन्होंने कहा है कि कोरोना महामारी के बीच जिस तरह इतने सारे स्टूडेंट्स परीक्षा में शामिल हो रहे हैं, आत्मनिर्भर भारत बनाने में उन्हें भागीदार बनते देखकर मन खुश है.
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आज परीक्षा शुरू होने से ठीक आधे घंटे पहले बॉम्बे हाईकोर्ट की नागपुर पीठ ने एक बड़ी घोषणा की है. कोर्ट ने महाराष्ट्र के विदर्भ क्षेत्र में बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में रहने वाले छात्रों की समस्या पर सुनवाई की है. कोर्ट ने कहा कि यहां के छात्र अगर परीक्षा केंद्र तक पहुंचने में असमर्थ थे या देरी से पहुंचे तो वे राष्ट्रीय परीक्षण एजेंसी (एनटीए) से संपर्क कर सकते हैं. अदालत ने एनटीए को भी दावों की सत्यता की जांच करने और 15 दिनों के भीतर उनका प्रतिनिधित्व तय करने को कहा.
संयुक्त प्रवेश परीक्षा JEE Main 2020 के आयोजन का आज चौथा दिन है. देशभर से आ रही खबरों के अनुसार कोविड 19 से बचाव के कड़े सुरक्षा इंतजामों के बीच ये परीक्षा हो रही है. बड़ी संख्या में छात्रों को अपने परीक्षा केंद्र पहुंचने के लिए यातायात साधनों की समस्या हुई. कल यानी 3 सितंबर को जेईई पेपर 2 आयोजित किया गया था और आज से इंजीनियरिंग परीक्षा आयोजित की जाएगी.