दून मेडिकल कॉलेज में रैगिंग पर सख्त कार्रवाई, 2 छात्र हॉस्टल से बाहर, 7 निलंबित

देहरादून के सरकारी दून मेडिकल कॉलेज में रैगिंग के मामले में सख्त कार्रवाई की गई. दो छात्रों मो. शकीब अली और प्रज्ञान्श पवार को हॉस्टल से बाहर और दो महीने क्लास से निलंबित किया गया, साथ में ₹50,000 का जुर्माना लगाया गया है.

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दून मेडिकल कॉलेज से 7 छात्रों को निलंबित किया गया है. ( Photo: gdmcuk.com) दून मेडिकल कॉलेज से 7 छात्रों को निलंबित किया गया है. ( Photo: gdmcuk.com)

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 20 जनवरी 2026,
  • अपडेटेड 10:08 AM IST

सरकारी दून मेडिकल कॉलेज (GDMC), देहरादून में रैगिंग के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की गई है. कॉलेज की एंटी-रैगिंग कमिटी ने दोषी पाए गए MBBS छात्रों के खिलाफ सख्त सजा का आदेश दिया है. आधिकारिक आदेश के अनुसार, दो छात्र — मोहम्‍मद शाकीब अली (MBBS बैच 2023) और प्रज्ञान्श पवार (MBBS बैच 2024) को पूरे MBBS और इंटर्नशिप के दौरान हॉस्टल से बाहर कर दिया गया है. इसके साथ ही दोनों पर ₹50,000 का जुर्माना लगाया गया है और उन्हें दो महीने के लिए क्लास से निलंबित कर दिया गया है.

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इसके अलावा अन्य छात्रों के खिलाफ भी अनुशासनात्मक कार्रवाई की गई है.

इसमें शामिल हैं-

MBBS 2023 बैच: विक्रांत राणा, स्पर्श सिंह, सायश शुक्ला, आदित्य पंवार

MBBS 2024 बैच: यश यादव, शोएब अली, रिहान अंसारी

MBBS और इंटर्नशिप के लिए हॉस्टल से बाहर
दो छात्र, मो. शकीब अली (MBBS 2023) और प्रज्ञान्श पवार (MBBS 2024) को पूरे MBBS और इंटर्नशिप के लिए हॉस्टल से बाहर कर दिया गया है. दोनों पर ₹50,000 का जुर्माना लगाया गया और उन्हें दो महीने के लिए क्लास से निलंबित किया गया है. अन्य छात्र विक्रांत राणा, स्पर्श सिंह, सायश शुक्ला, आदित्य पंवार (MBBS 2023) और यश यादव, शोएब अली, रिहान अंसारी (MBBS 2024) को तीन महीने हॉस्टल से बाहर और एक महीने क्लास से निलंबित किया गया. यह आदेश 19 जनवरी 2026 का है और तुरंत लागू कर दिया गया है. इसे उत्तराखंड मेडिकल एजुकेशन डायरेक्टरेट और सभी संबंधित अधिकारियों को भी भेजा गया है.

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एक महीने के लिए छात्रों को निलंबित
इन छात्रों को तीन महीने के लिए हॉस्टल से बाहर और एक महीने के लिए क्लासेस से निलंबित किया गया है. यह आदेश 19 जनवरी 2026 का है और इसे तुरंत लागू किया गया है. यह सजा एंटी-रैगिंग कमिटी की सिफारिशों के बाद दी गई है. आदेश को उत्तराखंड मेडिकल एजुकेशन डायरेक्टरेट और सभी संबंधित अधिकारियों को भी भेजा गया है. यह कदम रैगिंग के खिलाफ सख्त संदेश देने के लिए उठाया गया है.

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