CUET-UG 2025: CBT मोड में होगी CUET परीक्षा, 63 से 37 हुई कुल विषयों की संख्या

यूजीसी के अनुसार, इस साल सीयूईटी यूजी परीक्षा में विषयों की संख्या 63 से घटाकर 37 कर दी जाएगी तथा हटाए गए विषयों में प्रवेश सामान्य योग्यता परीक्षा (जीएटी) के अंकों के आधार पर दिया जाएगा. इसके अलावा परीक्षा पूरी तरह कम्प्यूटर बेस्ट ली जाएगी.

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CUET UG in CBT Mode CUET UG in CBT Mode

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 12 दिसंबर 2024,
  • अपडेटेड 11:14 AM IST

CUET UG in CBT Mode: विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (UGC) के अध्यक्ष, एम. जगदीश कुमार ने मंगलवार को जानकारी दी कि अगले साल से केंद्रीय विश्वविद्यालय प्रवेश परीक्षा (CUET-UG) पूरी तरह से कंप्यूटर आधारित टेस्ट (CBT) होगी. साथ ही, छात्रों को अब कक्षा 12 में पढ़े गए विषयों से अलग विषयों में भी परीक्षा देने का मौका मिलेगा. UGC ने यह भी घोषणा की कि CUET-UG में कुल विषयों की संख्या 63 से घटाकर 37 की जाएगी. जिन विषयों को हटा दिया गया है, उनके लिए प्रवेश सामान्य मानसिकता परीक्षण (GAT) के स्कोर के आधार पर किए जाएंगे. 

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UGC अध्यक्ष का बयान

इंडियन एक्सप्रेस से बात करते हुए UGC अध्यक्ष एम.जगदीश कुमार ने कहा, 'पिछले वर्षों से प्राप्त फीडबैक के आधार पर हम परीक्षा प्रक्रिया में लगातार सुधार कर रहे हैं, ताकि छात्रों को एक बेहतर, अधिक प्रभावी और सुविधाजनक वातावरण प्रदान किया जा सके. इसके लिए UGC ने एक विशेषज्ञ समिति का गठन किया था, जिसने CUET-UG 2025 के आयोजन के विभिन्न पहलुओं की समीक्षा की. इस समिति ने परीक्षा की संरचना, विषयों की संख्या, परीक्षा की अवधि, पाठ्यक्रम के तालमेल और संचालन संबंधी पहलुओं पर विचार किया'.

UGC अध्यक्ष ने यह भी बताया कि अब छात्र CUET-UG में वह विषय भी चुन सकेंगे जिन्हें उन्होंने कक्षा 12 में नहीं पढ़ा है. इसका उद्देश्य छात्रों को उच्च शिक्षा में अधिक लचीलापन और विभिन्न विषयों में क्रॉस-ओवर करने का अवसर देना है.

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सीबीटी मोड क्यों बेहतर है?

जगदीश कुमार ने आगे कहा, "कंप्यूटर आधारित परीक्षा (CBT) से परिणामों की प्रक्रिया तेज होती है और सुरक्षा में भी सुधार होता है, जिससे परीक्षा की सत्यता सुनिश्चित होती है. सभी प्रश्नों को अनिवार्य बनाना सभी उम्मीदवारों के लिए समान अवसर प्रदान करता है, और उनकी क्षमता का मूल्यांकन किया जाता है. अनिवार्य उत्तर उनके ज्ञान और क्षमताओं का एक अधिक व्यापक और समान मूल्यांकन प्रदान करता है क्योंकि सभी उम्मीदवारों का मूल्यांकन एक ही प्रश्नों के सेट पर किया जाता है. यह छात्रों को व्यापक तैयारी अपनाने के लिए भी प्रेरित करता है, क्योंकि उन्हें परीक्षा में शामिल सभी विषयों पर तैयारी करनी होती है'.

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