जब अमेरिका में फ्रांस का वर्चस्व खत्म हुआ, 7 साल तक चला था युद्ध

आज के दिन 10 फरवरी को ब्रिटेन, फ्रांस और स्पेन के बीच पेरिस की संधि हुई थी. इसके साथ ही सात साल तक चला 'इंडियन वॉर'खत्म हो गया था. यह युद्ध ब्रिटेन और फ्रांस के बीच लड़ा गया था. इसमें नेटिव अमेरिकन ने फ्रांस की सहायता की थी. फिर भी फ्रांस अमेरिका में अपना वर्चस्व कायम नहीं रख पाया.

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जब ब्रिटेन और फ्रांस के बीच 7 साल तक चला युद्ध का अंत हुआ था (Representational Photo - Pixabay) जब ब्रिटेन और फ्रांस के बीच 7 साल तक चला युद्ध का अंत हुआ था (Representational Photo - Pixabay)

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 10 फरवरी 2026,
  • अपडेटेड 6:54 AM IST

आज से सैकड़ों साल पहले अमेरिकी महाद्वीप के अलग-अलग हिस्से पर ब्रिटेन, फ्रांस और स्पेन का कब्जा था. अमेरिका में साम्राज्य विस्तार की होड़ में इन देशों के बीच वर्चस्व को लेकर युद्ध होते रहते थे.  1750 के दशक के शुरुआत में साम्राज्य विस्तार को लेकर ब्रिटेन और फ्रांस के बीच एक युद्ध शुरू हुआ जो सात साल तक चला. अंत में 10 फरवरी 1763 को फ्रांस को हार माननी पड़ी और इसके साथ ही यह सप्त वर्षीय युद्ध खत्म हो गया. 

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फ्रांस ने जब 1750 के दशक में ओहियो नदी घाटी में अपने इलाके का विस्तार शुरू किया तो ब्रिटिश उपनिवेश के साथ बार-बार उसका सशस्त्र टकराव होने लगा. 1756 में, अंग्रेजों ने फ्रांस के विरुद्ध युद्ध की घोषणा कर दी. यह युद्ध सात सालों तक चला. ब्रिटेन ने अमेरिका से लेकर यूरोप और भारत तक हर जगह फ्रांस के विरुद्ध मोर्चा खोल दिया था. अंत में 10 फरवरी 1763 को अमेरिका में सप्तवर्षीय युद्ध खत्म हुआ था. इसे अमेरिका में 'इंडियन वॉर' के नाम से जाना जाता है. 

युद्ध के पहले वर्ष में, फ्रांसीसियों और उनके नेटिव अमेरिकी सहयोगियों के व्यापक नेटवर्क के हाथों अंग्रेजों को लगातार हार का सामना करना पड़ा. हालांकि, 1757 में, ब्रिटिश प्रधानमंत्री विलियम पिट (सीनियर) ने फ्रांसीसियों के खिलाफ जीत से मिलने वाले इलाकों और फायदे को चिह्नित किया और युद्ध के लिए नई रणनीति बनाई. क्योंकि, फ्रांस की हार से साम्राज्यवादी विस्तार की संभावना को उन्होंने पहचान लिया था. 

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नई रणनीति के तहत पिट ने यूरोप में फ्रांस और उसके सहयोगियों को कमजोर बनाने की रणनीति बनाई. इसके तहत  प्रशिया के संघर्ष को वित्तपोषित किया और उत्तरी अमेरिका में सेनाएं जुटाने के लिए ब्रिटिश उपनिवेशों को सप्लाई भेजने लगे.  1760 तक, फ्रांसीसियों को कनाडा से खदेड़ दिया गया और 1763 तक यूरोप में फ्रांस के सभी सहयोगियों ने या तो प्रशिया के साथ अलग से शांति समझौता कर लिया था या उन्हें हार का सामना करना पड़ा था.

वहीं अमेरिका में फ्रांस की सहायता करने के स्पेन के प्रयास विफल रहे. दूसरी तरफ फ्रांस को भारत में भी ब्रिटिश सेनाओं के हाथों भी हार का सामना करना पड़ा. सात वर्षीय युद्ध का अंत फरवरी 1763 में ह्यूबर्टसबर्ग और पेरिस की संधियों पर हस्ताक्षर के साथ हुआ. पेरिस की संधि में, फ्रांस ने कनाडा पर अपने सभी दावे खो दिए और लुइसियाना स्पेन को दे दिया, जबकि ब्रिटेन को स्पेनिश फ्लोरिडा, ऊपरी कनाडा और विदेशों में स्थित फ्रांस के विभिन्न क्षेत्र प्राप्त हुए.

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इस संधि ने ब्रिटेन की औपनिवेशिक और समुद्री सर्वोच्चता सुनिश्चित की और उत्तर और दक्षिण में स्थित यूरोपीय प्रतिद्वंद्वियों को हटाकर 13 अमेरिकी उपनिवेशों को मजबूत किया. पंद्रह साल बाद, अपने अधिकांश औपनिवेशिक साम्राज्य को खोने को लेकर फ्रांस के अंदर ब्रिटिश शासन के प्रति जो कड़वाहट थी, उसका बदला उसने अमेरिकी क्रांति में देशभक्तों का पक्ष लेकर किया. अमेरिकी स्वतंत्रता संग्राम में फ्रांस ने हस्तक्षेप शुरू किया और मूल अमेरिकियों को मदद की. 

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